भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि इस साल उत्तर और मध्य भारत के विशाल हिस्सों को भीषण गर्मी और सामान्य से अधिक ‘हीटवेव’ (लू) के दिनों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से गंगा के मैदानी इलाकों, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पारा सामान्य से काफी ऊपर जाने की संभावना है।
मौसम विभाग की मुख्य भविष्यवाणियां:
- तापमान में भारी वृद्धि: उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले 4-5 दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का अनुमान है।
- लू (Heatwave) का साया: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहेगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और विदर्भ में 20 से 25 अप्रैल के बीच लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
- तटीय इलाकों में उमस: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे क्षेत्रों में न केवल गर्मी, बल्कि ‘हॉट एंड ह्यूमिड’ (गर्म और उमस भरा) मौसम लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगा।
किन राज्यों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर?
| क्षेत्र | प्रभावित राज्य/इलाके |
| उत्तर भारत | दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान |
| मध्य भारत | मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ (महाराष्ट्र) |
| पूर्वी भारत | बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल |
| पश्चिम भारत | गुजरात के तटीय और आंतरिक इलाके |
गर्मी और लू से बचने के उपाय (Precautionary Measures):
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को इस भीषण गर्मी से बचने के लिए कुछ जरूरी सलाह दी है:
- हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पानी, ओआरएस (ORS), लस्सी, नींबू पानी या छाछ का सेवन करें।
- दोपहर में बाहर निकलने से बचें: विशेषकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सीधी धूप में जाने से बचें।
- पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छतरी से ढकें।
- खान-पान: ताजे फल (तरबूज, खरबूजा) और सब्जियों का सेवन करें। अधिक प्रोटीन और कैफीन (चाय-कॉफी) वाले पेय पदार्थों से बचें क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट कर सकते हैं।
बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों का खास ख्याल रखें, क्योंकि उन्हें हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है। यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द या उल्टी जैसा महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


