बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग अब एक नए स्तर पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम दिए गए हालिया संबोधन के बाद, कांग्रेस ने उन पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी के भाषण का विश्लेषण करते हुए इसे ‘डर और बौखलाहट’ का प्रतीक बताया है।
“हर तीसरे सेकंड में कांग्रेस का नाम”
सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अपने 29 मिनट के भाषण में 58 बार कांग्रेस का नाम लिया। श्रीनेत ने कहा, “इसका मतलब है कि पीएम मोदी हर तीसरे सेकंड में कांग्रेस के नाम की माला जप रहे थे। मोदी जी का यह डर हमें अच्छा लगा।” कांग्रेस का मानना है कि प्रधानमंत्री विपक्ष की एकजुटता और जनता के मुद्दों को उठाए जाने से डरे हुए हैं, इसलिए वे अपने संबोधन में विकास के बजाय विपक्ष पर हमला करने में अधिक समय बिता रहे हैं।
साजिश का पर्दाफाश
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और भाजपा के विभाजनकारी मंसूबों को विपक्ष ने देश के सामने बेनकाब कर दिया है। सुप्रिया श्रीनेत के अनुसार, कांग्रेस साहस के साथ जनता के वास्तविक मुद्दे उठा रही है, जिससे भाजपा की रणनीतियों पर पानी फिर गया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार असल समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए विभाजनकारी राजनीति का सहारा ले रही है, लेकिन अब लोग उनके “मंसूबों” को समझ चुके हैं।
प्रधानमंत्री के संबोधन का संदर्भ
यह बयान प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक, परिसीमन (Delimitation) पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बार-बार कांग्रेस की पिछली नीतियों की आलोचना की थी और उन्हें ‘विकास विरोधी’ बताया था।
2026 में होने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले, यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की उम्मीद है। जहां भाजपा ‘महिला आरक्षण’ और ‘मजबूत नेतृत्व’ के नाम पर वोट मांग रही है, वहीं कांग्रेस प्रधानमंत्री के भाषणों में खुद के बार-बार जिक्र को अपनी वैचारिक जीत के रूप में पेश कर रही है। सुप्रिया श्रीनेत का यह हमला दर्शाता है कि आगामी चुनाव केवल नीतियों पर नहीं, बल्कि एक-दूसरे की ‘विश्वसनीयता’ को चुनौती देने पर केंद्रित होंगे।


