अप्रैल की शुरुआत में गर्मी की तपिश महसूस होने के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में मौसम पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 तक देश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
यहाँ राज्यों के अनुसार मौसम का विस्तृत हाल दिया गया है:
पहाड़ी राज्यों का हाल (बर्फबारी और भारी बारिश)
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर दिख रहा है।
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश: यहाँ ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- उत्तराखंड: यहाँ कई स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
मैदानी राज्यों में आंधी और पानी
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
- दिल्ली-NCR: आसमान में बादल छाए रहेंगे और धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। बुधवार तक अधिकतम तापमान 28°C से 30°C तक गिर सकता है।
- पंजाब और हरियाणा: यहाँ तेज हवाओं (30-50 किमी/घंटा) के साथ बारिश और कुछ जगहों पर ओले गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- राजस्थान: राज्य के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट है। जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर जैसे इलाकों में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी और ओलावृष्टि हो सकती है।
मध्य और पूर्वी भारत
- उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और मध्य यूपी में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
- मध्य प्रदेश: यहाँ 10 अप्रैल तक आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट है। ग्वालियर और सागर संभाग में विशेष असर देखा जा रहा है।
- बिहार और झारखंड: इन राज्यों में भी मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहाँ तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
तापमान में गिरावट
इस मौसम परिवर्तन की वजह से उत्तर भारत के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से 8°C से 15°C तक नीचे गिर गया है। अप्रैल के महीने में फरवरी जैसी ठंडक का अहसास हो रहा है।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि ओलावृष्टि और तेज आंधी फसलों को नुकसान पहुँचा सकती है।


