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    1 अप्रैल 2026 से नियमों में हो रहा बदलाव, जानें आप पर क्या पड़ेगा प्रभाव

    1 अप्रैल 2026 से भारत की अर्थव्यवस्था और आपकी व्यक्तिगत वित्तीय योजना में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। ‘आयकर अधिनियम 2025’ के लागू होने से लेकर जीएसटी और निवेश के नियमों तक, बहुत कुछ बदल जाएगा। यहाँ मुख्य बदलावों का विस्तृत विवरण दिया गया है:

    नया आयकर अधिनियम 2025: पुरानी व्यवस्था का अंत

    1 अप्रैल 2026 से 65 साल पुराना ‘आयकर अधिनियम 1961’ इतिहास बन जाएगा और उसकी जगह आयकर अधिनियम 2025 प्रभावी होगा।

    • टैक्स ईयर (Tax Year): अब ‘असेसमेंट ईयर’ (AY) और ‘प्रीवियस ईयर’ (PY) जैसी उलझाने वाली शब्दावलियों को खत्म कर सिर्फ एक ‘Tax Year’ शब्द का इस्तेमाल होगा।
    • आईटीआर फाइलिंग: संशोधित आईटीआर (Revised ITR) भरने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है (देरी से भरने पर मामूली शुल्क देना होगा)।
    • टीडीएस (TDS): वेतन और पेंशन के लिए नया फॉर्म 130 पेश किया गया है, जो टीडीएस रिपोर्टिंग को अधिक मानकीकृत और आसान बनाएगा।
    • डिजिटल पेमेंट : सभी डिजिटल पेमेंट के लिए सिर्फ ओटीपी नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक जैसे 2FA (डायनामिक फैक्टर) अनिवार्य कर दिए गए हैं।

    कॉर्पोरेट भत्ते और टैक्स फ्री लिमिट में बदलाव

    कर्मचारियों को मिलने वाले कई भत्तों की सीमा संशोधित की गई है:

    • मील्स और वाउचर: ऑफिस में मिलने वाले खाने की टैक्स-फ्री सीमा 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दी गई है। गिफ्ट या वाउचर की सीमा 15,000 रुपये सालाना कर दी गई है।
    • कार और ड्राइवर: कंपनी द्वारा दी गई कार (1.6 लीटर से अधिक) के खर्च पर टैक्स क्लेम में बदलाव किया गया है। अगर ड्राइवर उपलब्ध कराया जाता है, तो 3,000 रुपये प्रति माह अतिरिक्त जोड़े जाएंगे।
    • लोन राहत: कंपनी से मिलने वाले 2 लाख रुपये तक के ब्याज-मुक्त लोन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।

    NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) के नए नियम

    रिटायरमेंट के बाद अब आपको अपने पैसे पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा:

    • निकासी सीमा: अब सब्सक्राइबर रिटायरमेंट के समय कुल कॉर्पस का 80% एकमुश्त (Lump Sum) निकाल सकेंगे, जो पहले 60% था। कम से कम 20% की एन्युटी खरीदना अनिवार्य होगा।
    • कॉर्पस आधारित स्लैब: अगर आपका कुल फंड 8 लाख रुपये तक है, तो आप 100% पैसा निकाल सकते हैं। 8 से 12 लाख के बीच होने पर 6 लाख तक निकासी की अनुमति होगी।

    जीएसटी 2.0 और महंगाई का मोर्चा

    • जीएसटी सुव्यवस्थितिकरण: सरकार जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने की दिशा में बढ़ रही है, जिससे कुछ विलासिता की वस्तुएं महंगी हो सकती हैं, जबकि दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर राहत मिल सकती है।
    • एलपीजी और ईंधन: हर महीने की तरह 1 अप्रैल को रसोई गैस की कीमतों की समीक्षा होगी। हालिया रुझानों को देखते हुए इसमें उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहती है।

    अन्य महत्वपूर्ण बदलाव

    क्षेत्रनया नियम
    PAN कार्डपैन आवेदन के लिए अब 10वीं का सर्टिफिकेट या पासपोर्ट अनिवार्य होगा। 10 लाख से अधिक नकद जमा पर पैन अनिवार्य है।
    TCS (Tax Collected at Source)विदेश यात्रा, शिक्षा और इलाज के लिए 10 लाख से अधिक के रेमिटेंस पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
    टोल प्लाजानेशनल हाईवे के सभी टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद हो जाएगा; केवल FASTag या UPI चलेगा।
    पेंशन राहतदिव्यांग पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों की पेंशन को अब पूरी तरह टैक्स-फ्री कर दिया गया है।

    ये बदलाव आपकी बचत और खर्च करने की आदतों को प्रभावित करेंगे। विशेष रूप से टैक्स प्लानिंग और निवेश के लिए नए ‘आयकर अधिनियम’ की बारीकियों को समझना अब और भी जरूरी हो गया है।

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