बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार, 30 मार्च 2026 को राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पिछले 20 वर्षों से इस सदन के सदस्य रहे नीतीश कुमार का इस्तीफा बेहद चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने दो दशकों के इस लंबे सफर को महज एक लाइन के पत्र में समेट दिया।
इस्तीफे के पत्र में क्या लिखा?
नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद के सभापति को संबोधित करते हुए अपना त्यागपत्र सौंपा। इस पत्र की सादगी ने सबको चौंका दिया। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट और संक्षिप्त शब्दों में लिखा:“मैं, नीतीश कुमार, बिहार विधान परिषद की सदस्यता से एतद्द्वारा अपना त्यागपत्र देता हूँ।”
इस एक लाइन के औपचारिक पत्र के साथ ही उनका 2006 से चला आ रहा विधान परिषद का सफर आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया। इसके तुरंत बाद सभापति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उनकी सीट को रिक्त घोषित कर दिया।
20 साल का सफर: MLC से राज्यसभा तक
नीतीश कुमार पहली बार 2006 में बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे। इसके बाद वे लगातार 2012, 2018 और 2024 में निर्विरोध निर्वाचित होते रहे।
हाल ही में नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए हैं। नियमानुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ राज्य विधानमंडल और संसद का सदस्य नहीं रह सकता। 14 दिनों की समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि पत्र छोटा था, लेकिन नीतीश कुमार ने सदन के गलियारों में मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार के उच्च सदन के साथ उनका गहरा लगाव रहा है और यहाँ बिताए गए पल हमेशा उनके साथ रहेंगे।
बिहार की राजनीति में अब क्या होगा?
नीतीश कुमार के इस इस्तीफे ने बिहार में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। अब यह तय हो गया है कि नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे। उनके इस्तीफे के साथ ही पटना में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर एनडीए (NDA) अपने नए नेता के नाम की घोषणा कर सकता है, जो राज्य की कमान संभालेगा।
क्या नीतीश कुमार अब भी सीएम हैं?
जी हाँ, तकनीकी रूप से नीतीश कुमार अभी भी बिहार के मुख्यमंत्री हैं। कानून के अनुसार, वे बिना किसी सदन का सदस्य रहे भी अगले 6 महीने तक इस पद पर बने रह सकते हैं। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे जल्द ही राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपकर नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण का मार्ग प्रशस्त करेंगे।


