पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और युद्ध की स्थिति के बीच ईरान के निर्वासित पूर्व राजकुमार रजा पहलवी का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) को लेकर सीधी अपील की है।
“मौजूदा शासन ईरान का प्रतिनिधित्व नहीं करता”
रजा पहलवी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान ‘इस्लामी गणराज्य’ ईरान की पहचान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान का वर्तमान शासन न केवल ईरानी लोगों का दमन कर रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बना हुआ है। पहलवी के अनुसार, ईरान की जनता इस शासन से मुक्ति चाहती है और इसके लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।
ट्रंप और नेतन्याहू से सीधी अपील
पहलवी ने ट्रंप और नेतन्याहू से आग्रह किया कि वे केवल मिसाइल या ड्रोन हमलों तक सीमित न रहें, बल्कि ईरान में मौजूदा शासन को उखाड़ फेंकने की दिशा में ठोस कदम उठाएं। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक तेहरान में मौजूदा व्यवस्था बनी रहेगी, तब तक खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में शांति संभव नहीं है। उनका मानना है कि शासन परिवर्तन ही इजरायल और अमेरिका के विरुद्ध जारी प्रॉक्सी युद्ध को समाप्त करने का एकमात्र तरीका है।
युद्ध और क्षेत्रीय तनाव
यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत की खबरें लगातार बढ़ रही हैं। सीरिया में ईरानी ठिकानों पर हालिया हमलों और हिंद महासागर में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने माहौल को और अधिक गरमा दिया है। पहलवी का दावा है कि ईरानी सेना के भीतर भी असंतोष है, जिसका लाभ उठाकर लोकतांत्रिक बदलाव लाया जा सकता है।
महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक निहितार्थ
- पहलवी ने जोर दिया कि हमास, हिजबुल्लाह और हूतियों को मिलने वाली फंडिंग तभी रुकेगी जब तेहरान का ‘सिर’ बदला जाएगा।
- यह अपील विदेशों में रह रहे ईरानी विपक्षी समूहों की बढ़ती सक्रियता को भी दर्शाती है।
- फिलहाल इस पर अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति के समर्थकों के बीच इस बयान को काफी महत्व दिया जा रहा है।
रजा पहलवी का यह आह्वान पश्चिम एशिया के संकट को एक नया मोड़ दे सकता है, जहाँ अब सीधे तौर पर सत्ता परिवर्तन की मांग उठने लगी है।


