पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। 3 मार्च 2026 को इस संकट में कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच जारी संघर्ष अब खाड़ी देशों तक फैल गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।
सऊदी अरब पर बड़ा ड्रोन हमला
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि आज तड़के रियाद और अल-खर्ज शहरों के पास आठ ड्रोन मार गिराए गए हैं। यह हमला ईरान द्वारा समर्थित समूहों की ओर से जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है।
- अमेरिकी दूतावास को बनाया निशाना: रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया, जिससे परिसर में ‘सीमित आग’ लग गई और हल्की क्षति हुई।
- सुरक्षा अलर्ट: दूतावास ने सऊदी अरब के विभिन्न शहरों (रियाद, जेद्दा, धहरान) में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए ‘शेल्टर इन प्लेस’ (सुरक्षित स्थानों पर रहने) का नोटिस जारी किया है।
- इससे पहले सोमवार को कुवैत और कतर में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और दूतावासों को निशाना बनाने की खबरें आई थीं।
नेतन्याहू का बयान: “यह अंतहीन युद्ध नहीं है”
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक टीवी इंटरव्यू (Fox News) में युद्ध की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहा ऑपरेशन ‘त्वरित और निर्णायक’ होगा। “यह कोई अंतहीन युद्ध (Endless War) नहीं है, बल्कि शांति का प्रवेश द्वार है। इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह सालों तक नहीं चलेगा।”
नेतन्याहू ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद, यह अभियान ईरान के आतंकी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने इसे मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति का रास्ता बताया।
युद्ध का ताज़ा हाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। इस अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) नाम दिया गया है।
- ईरान का पलटवार: जवाब में ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल संकट गहरा सकता है।
- बढ़ती जनहानि: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में अब तक 550 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि इजरायल के भीतर भी मिसाइल हमलों में कई नागरिक हताहत हुए हैं।
- भारतीयों की वापसी: संकट को देखते हुए एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी कंपनियां विशेष उड़ानें संचालित कर रही हैं ताकि खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा सके।


