ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की जवाबी हमले की धमकी पर कड़ा पलटवार करते हुए चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने कोई भी हिमाकत की, तो अमेरिका ऐसी सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करेगा जो “दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी।”
यहाँ इस तनावपूर्ण घटनाक्रम के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
ट्रंप की “विनाशकारी” चेतावनी
ईरान की ओर से ‘कड़ा बदला’ लेने के बयानों के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर सीधे शब्दों में चेतावनी जारी की।
- अभूतपूर्व बल का प्रयोग: ट्रंप ने लिखा, “ईरान ने कहा है कि वे आज बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं किया। उन्हें ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसे बल (Force) से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा!”
- ऑपरेशन एपिक फ्युरी (Operation Epic Fury): अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, खामेनेई को निशाना बनाने वाला यह ऑपरेशन इसी नाम से चलाया गया था। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब ईरान के मिसाइल प्रोग्राम और उसकी नौसेना को पूरी तरह से तबाह करने के लिए तैयार है।
ईरान की “सबसे बड़े हमले” की धमकी
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और कार्यवाहक नेतृत्व ने अमेरिका और इजरायल को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
- लाल रेखा पार करना: ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका ने ‘रेड लाइन’ पार कर दी है और उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
- क्षेत्रीय ठिकानों पर खतरा: ईरान ने संकेत दिया है कि वह न केवल इजरायल, बल्कि मध्य-पूर्व (खाड़ी देशों) में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बना सकता है।
- ड्रोन और मिसाइल अलर्ट: रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों को लॉन्च पैड पर तैनात कर दिया है, जिसके बाद इजरायल और खाड़ी देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।
जमीनी हकीकत: तेहरान में कोहराम
रविवार, 1 मार्च 2026 की सुबह से ही तेहरान और ईरान के अन्य प्रमुख शहरों पर इजरायली और अमेरिकी विमानों की बमबारी जारी है।
- इजरायली सेना का दावा है कि उन्होंने ‘पाथ टू तेहरान’ (तेहरान का रास्ता) साफ करने के लिए ईरान के हवाई रक्षा तंत्र (Air Defence) को ध्वस्त कर दिया है।
- ट्रंप ने ईरान के सैनिकों और पुलिस से हथियार डालने की अपील की है, उन्हें ‘माफी’ (Immunity) का वादा किया है, अन्यथा “निश्चित मौत” की बात कही है।
यह संघर्ष अब केवल एक सैन्य ऑपरेशन नहीं रह गया है, बल्कि एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध में बदलता दिख रहा है। ट्रंप का कड़ा रुख साफ करता है कि अमेरिका अब ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) से कम पर राजी नहीं होगा।


