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    मैंने बचाई पाकिस्तानी पीएम की जान, ऑपरेशन सिंदूर पर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों से हमेशा चर्चा में रहते हैं, लेकिन हाल ही में अमेरिकी संसद (State of the Union) के संबोधन के बाद उन्होंने भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि उनके हस्तक्षेप की वजह से एक बड़े युद्ध और संभावित रूप से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की जान को टलने में मदद मिली।

    ट्रंप का बड़ा दावा: “मैंने बचाई पाकिस्तानी पीएम की जान”

    ट्रंप ने दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखने में अपनी भूमिका का बखान करते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप के बिना भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक विनाशकारी मोड़ ले सकता था। ट्रंप ने कहा, “अगर मैं बीच में न पड़ता और दखल न देता, तो शायद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज़ सरीफ की जान खतरे में पड़ जाती।” उन्होंने संकेत दिया कि दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि यह एक पूर्ण सैन्य संघर्ष का रूप ले सकती थी, जिससे पाकिस्तान के नेतृत्व को सीधा खतरा पैदा हो गया था।

    क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor)?

    मई 2025 में भारतीय सुरक्षा बलों ने पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे) के जवाब में यह ऑपरेशन चलाया था। भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और सीमा के पार 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। यह आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी हवाई भिड़ंत (BVR Air Combat) में से एक थी, जिसमें लगभग 120 विमान शामिल थे। इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित करने का भी कड़ा कदम उठाया था।

    भारत के प्रति रुख और कूटनीति

    ट्रंप ने अपने संबोधन और उसके बाद की चर्चाओं में भारत के साथ अपने मजबूत संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं और इसी प्रभाव के कारण वे दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा पाए। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने खुद को एक ‘शांतिदूत’ (Peace-maker) के रूप में पेश किया है।


    प्रमुख बिंदु (Key Highlights):

    • ट्रंप ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को सफल बताते हुए कहा कि उनकी कूटनीति ने दुनिया को एक बड़े क्षेत्रीय संकट से बचाया है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे ऐतिहासिक विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि वे इन दोनों देशों को करीब लाने की कोशिश करते रहे हैं। ट्रंप ने पूर्व में भी कई बार कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की थी, जिसे भारत ने हमेशा द्विपक्षीय मामला बताते हुए खारिज किया है।

    विशेषज्ञों की राय

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयानघरेलू राजनीति को साधने के लिए हो सकता है। वे खुद को एक शक्तिशाली वैश्विक नेता के रूप में दिखाना चाहते हैं जो दुनिया के किसी भी कोने में शांति स्थापित कर सकता है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से अभी इस सनसनीखेज दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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