दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मंगलवार (24 फरवरी 2026) की सुबह गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान हुए हंगामे और ‘कमीज उतारकर’ (shirtless) किए गए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में की गई है।
गिरफ्तारी और आरोप
उदय भानु चिब को सोमवार दोपहर को हिरासत में लिया गया था। तिलक मार्ग थाने में लगभग 20 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि चिब इस पूरे विरोध प्रदर्शन के मुख्य साजिशकर्ता हैं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रसद (logistics) उपलब्ध कराई थी। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें आपराधिक साजिश (61-2), सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए चोट पहुंचाना (121-1) और लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा करना शामिल है।
मामला क्या है?
20 फरवरी 2026 को समिट के अंतिम दिन, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम के हॉल नंबर 5 में प्रवेश किया था। उन्होंने अपनी जैकेट और स्वेटर के नीचे ऐसी टी-शर्ट पहनी थीं जिन पर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कपड़े उतार दिए और ‘शर्टलेस’ होकर नारेबाजी की।
अब तक की कार्रवाई
उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में अब तक 8 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। सोमवार को पुलिस ने ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से तीन और पदाधिकारियों—जितेंद्र सिंह यादव, अजय कुमार और राजा गुर्जर को गिरफ्तार किया था। इससे पहले प्रदर्शन के दिन ही चार कार्यकर्ताओं को मौके से पकड़ा गया था। पुलिस इस मामले में ‘फाइनेंशियल ट्रेल’ (पैसे का स्रोत) और टी-शर्ट छपवाने वाले प्रेस की भी जांच कर रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी को ‘तानाशाही’ करार दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना अपराध नहीं है। वहीं, भाजपा ने इसे वैश्विक मंच पर भारत की छवि खराब करने की कोशिश बताया है।


