वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हालिया विवादों और पुलिसिया कार्रवाई की संभावनाओं के बीच सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की गिरफ्तारी से डरने वाले नहीं हैं और सच्चाई जल्द ही सबके सामने आएगी।
गौ रक्षा आंदोलन और सरकार पर प्रहार
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि देश के चारों पीठों के शंकराचार्य मिलकर गौ हत्या बंदी के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन शंकराचार्यों पर प्रहार कर रही है जो सदियों से धर्म की रक्षा करते आए हैं। सरकार जनता का ध्यान मूल मुद्दों से हटाना चाहती है, जबकि जनता चाहती है कि गौ माता की रक्षा हो। “सरकार चाहती है कि हम ही धर्मचारी हों और हम ही सरकार,” यह कहकर उन्होंने सत्ता के हस्तक्षेप पर तंज कसा।
‘गुरुकुल और छात्रों’ के विवाद पर सफाई
प्रयागराज की घटना और छात्रों से जुड़े आरोपों पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, जिन छात्रों की बात की जा रही है, वे कभी उनके गुरुकुल में न तो रहे और न ही कभी वहां पढ़े। केस में जमा की गई मार्कशीट से साफ है कि वे हरदोई के एक स्कूल के छात्र हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रयागराज में हर जगह पुलिस के CCTV कैमरे लगे हैं और वॉर रूम से मॉनिटरिंग हो रही थी। सच्चाई उन कैमरों में कैद है। उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए पूछा कि यदि उनके पास कोई विवादित CD है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
गिरफ्तारी और सहयोग की बात
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कोई कदम उठाती है, तो वे उसका विरोध नहीं करेंगे बल्कि पूर्ण सहयोग करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता सब देख रही है और झूठ की कहानी ज्यादा दिन नहीं टिकेगी।
“चोगा पहनकर आए लोग”
अंत में, उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग ‘चोगा’ पहनकर खुद को हिंदू बता रहे हैं, लेकिन वे अंदर ही अंदर सनातन धर्म को खत्म करने और हिंदुओं के खिलाफ काम करने आए हैं।


