पंजाब की राजनीति में एक बड़ा धमाका करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री और नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने न केवल राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की जमकर तारीफ भी की। डॉ. सिद्धू ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी नाराजगी व्यक्त की और कांग्रेस की भविष्य की संभावनाओं पर तीखी टिप्पणी की।
राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी को सीधा निशाना बनाते हुए कहा कि उनकी नीतियों और कार्यप्रणाली के कारण कांग्रेस पंजाब में कभी चुनाव नहीं जीत पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जमीन से जुड़े नेताओं और उन लोगों की उपेक्षा करते हैं जो सच बोलते हैं। “राहुल गांधी चापलूसों से घिरे रहते हैं और उनके पास सच सुनने का साहस नहीं है। यही कारण है कि समर्पित नेता पार्टी से दूर हो रहे हैं।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू के साथ पार्टी के भीतर जो व्यवहार हुआ, उससे वे काफी आहत हैं और इसी कारण अब वे कांग्रेस के भविष्य को अंधकार में देख रही हैं।
पीएम मोदी की तारीफ में क्या कहा?
हैरान कर देने वाला मोड़ तब आया जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा:
- निर्णय लेने की क्षमता: उन्होंने पीएम मोदी को एक “मजबूत नेता” बताया जो देश हित में कड़े फैसले लेने से नहीं हिचकिचाते।
- अनुशासन और विजन: डॉ. सिद्धू ने मोदी के अनुशासन और देश के प्रति उनके विजन की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की वैश्विक छवि उनके नेतृत्व में सुधरी है।
- विकास कार्य: उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही कुछ जनहित योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि विपक्षी नेताओं को भी अच्छी बातों को स्वीकार करना चाहिए।
क्या हैं इसके राजनीतिक मायने?
डॉ. सिद्धू के इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है कि क्या सिद्धू परिवार कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थामने की तैयारी में है? हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी नई पार्टी में शामिल होने का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन उनके शब्दों ने कांग्रेस आलाकमान के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है।
पंजाब में आगामी चुनावों से पहले सिद्धू परिवार की यह बगावत कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है, खासकर तब जब राज्य में पार्टी पहले ही आपसी गुटबाजी से जूझ रही है।


