उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश व घने कोहरे का सिलसिला जारी है। 3 फरवरी 2026 को भी उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा।
मौसम की ताजा स्थिति पर आधारित मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
1. पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर
- हिमाचल प्रदेश: राज्य के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है। अटल टनल को डेढ़ फीट बर्फ जमा होने के कारण बंद कर दिया गया है। कुल्लू, मनाली, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में जनजीवन प्रभावित है।
- उत्तराखंड: उत्तरकाशी, चमोली, और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात की अधिक संभावना है।
- जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर समेत कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई है, जबकि ऊपरी पहाड़ियों पर बर्फ गिरी है।
2. मैदानों में बारिश और ओलावृष्टि
- उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में आज बारिश की संभावना है। वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, और कानपुर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- दिल्ली-एनसीआर: दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और सुबह के समय कोहरा देखा गया। कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना जताई गई है।
- अन्य राज्य: राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) के साथ बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि का अनुमान है।
- मैदानी इलाकों में दृश्यता (Visibility) काफी कम दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के आगरा, हिंडन और सरसावा वायुसेना केंद्रों पर दृश्यता शून्य तक पहुंच गई।
- पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी अगले 24 घंटों तक घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।
- तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।
प्रमुख सावधानी एवं चेतावनी
किसानों के लिए: मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तकखेती के कामों को टालने की सलाह दी है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां ओलावृष्टि की संभावना है।
यात्रियों के लिए: पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे लैंडस्लाइड और हिमस्खलन (Avalanche) संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और सड़क की स्थिति जानकर ही यात्रा शुरू करें।


