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PM मोदी की रिक्वेस्ट पर ट्रेड डील, कांग्रेस ने पूछे तीखे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई फोन पर बातचीत के बाद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) की घोषणा हुई है। जहां सरकार इसे “ऐतिहासिक” बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इस पर तीखे सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि इस बार भी पीएम मोदी की रिक्वेस्ट पर ट्रेड डील की गई है।

​1. “0% टैरिफ” और बाजार पहुंच का विवाद

  • ​ट्रंप का दावा: राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि भारत अमेरिका के लिए अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को 0% (शून्य) तक कम करने पर सहमत हो गया है।
  • ​कांग्रेस की आपत्ति: पार्टी का कहना है कि पूरी तरह बाजार खोल देने से भारतीय उद्योगों, विशेषकर छोटे व्यापारियों और मध्यम उद्योगों (MSME) को भारी नुकसान होगा।

​2. कृषि क्षेत्र और किसानों का भविष्य

  • ​समझौते के तहत भारत ने अमेरिका से $500 बिलियन से अधिक की ऊर्जा, तकनीक और कृषि उत्पादों की खरीद का वादा किया है।
  • ​चिंता: कांग्रेस ने सवाल किया है कि क्या अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए रास्ता साफ करने से भारतीय किसानों के हितों और MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा?

​3. रूसी तेल और ऊर्जा सुरक्षा

  • ​रूस से नाता: ट्रंप ने दावा किया कि पीएम मोदी रूस से तेल खरीदना बंद करने और इसके बजाय अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमत हुए हैं।
  • ​सौदा: अमेरिका ने भारत पर लगे अतिरिक्त 25% दंडात्मक टैरिफ (जो रूसी तेल खरीदने के कारण लगे थे) को हटा दिया है। अब भारतीय उत्पादों पर कुल टैरिफ 18% होगा।

​4. ‘Make in India’ पर सवाल

  • ​ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी ‘Buy American’ नीति को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यदि भारत अमेरिकी सामानों का आयात बढ़ाएगा, तो ‘मेक इन इंडिया’ अभियान कमजोर हो जाएगा।

​विपक्ष ने इस डील की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे ‘ट्रंप-निर्भरता’ करार देते हुए कहा कि देश को अपनी ही सरकार के बड़े फैसलों की जानकारी अमेरिकी बयानों से मिल रही है।

कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि इस ट्रेड डील के सभी दस्तावेजों और शर्तों को सार्वजनिक किया जाए और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा की जाए ताकि किसानों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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