नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) का औपचारिक शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की अध्यक्षता के मूल दर्शन, मुख्य प्राथमिकताओं और ब्रिक्स सहयोग को व्यापक जन-भागीदारी से जोड़ने के प्रयासों को विस्तार से रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:
- मानवता-केंद्रित दृष्टिकोण: प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ‘पीपल सेंट्रिक’ (जन-केंद्रित) और ‘ह्यूमैनिटी फर्स्ट’ (मानवता प्रथम) के मूल विचार पर आधारित है।
- चार स्तंभ और प्राथमिकताएं: भारत की अध्यक्षता की मुख्य थीम—लचीलापन (Resilience), नवाचार (Innovation), सहयोग (Cooperation) और स्थिरता (Sustainability) को साझा प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा गया है।
- जन-साधारण से जुड़ाव: पीएम मोदी ने कहा कि इन प्राथमिकताओं का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स बहुपक्षीय मंच के लाभों को कूटनीतिक चर्चाओं से आगे ले जाकर सामान्य नागरिकों के जीवन और प्राथमिकताओं से जोड़ना है।
- व्यापक आयोजन का खाका: भारत की अध्यक्षता के दौरान देश भर के लगभग 30 विभिन्न शहरों में 350 से अधिक बैठकों और सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को सफल बनाने और भारत के एजेंडे को आगे बढ़ाने में सभी सदस्य देशों के निरंतर सहयोग एवं सक्रिय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।


