बॉलीवुड के ‘सीरियल किसर’ कहे जाने वाले अभिनेता इमरान हाशमी ने हाल ही में रणबीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ की अभूतपूर्व सफलता पर फिल्म इंडस्ट्री के पुराने ढर्रे और सोच पर तीखा हमला बोला है। एक इंटरव्यू के दौरान इमरान ने फिल्म की लंबाई (3.5 घंटे) को लेकर हो रही चर्चाओं पर फिल्म निर्माताओं और इंडस्ट्री के जानकारों को आईना दिखाया।
“इंडस्ट्री की सोच संकुचित और घटिया”
इमरान हाशमी ने कहा कि लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में यह धारणा बनी हुई थी कि दर्शकों के पास अब धैर्य (Patience) नहीं है और वे केवल छोटी या क्रिस्प फिल्में देखना पसंद करते हैं। इमरान ने कहा, “हमारी इंडस्ट्री की सोच कई मायनों में बहुत घटिया और संकुचित रही है। लोग कहते थे कि ओटीटी के दौर में कोई 3 घंटे से ज्यादा सिनेमा हॉल में नहीं बैठेगा। ‘धुरंधर’ ने इस मिथक को चकनाचूर कर दिया है। अगर कहानी में दम है, तो दर्शक साढ़े तीन घंटे क्या, उससे भी ज्यादा समय तक कुर्सी से चिपके रह सकते हैं।”
‘धुरंधर’ की सफलता का तर्क
इमरान ने आदित्य धर के निर्देशन और रणवीर सिंह के अभिनय की तारीफ करते हुए कहा कि ‘धुरंधर’ ने साबित कर दिया है कि सिनेमा का असली जादू कंटेंट में होता है, उसकी लंबाई में नहीं। उन्होंने कहा कि फिल्म की साढ़े 3 घंटे की अवधि के बावजूद उसका 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन करना यह बताता है कि दर्शक मनोरंजन के भूखे हैं और वे अच्छी फिल्म के लिए वक्त देने को तैयार हैं।
लेंथ वर्सेस कंटेंट की बहस
इमरान ने इंडिया टुडे से इंटरव्यू के दौरान कहा, लोग अब छोटे ‘कट्स’ वाली फिल्मों के बजाय विस्तार से दिखाई गई कहानियों को पसंद कर रहे हैं, बशर्ते वे बोर न करें। ‘धुरंधर’ ने बड़े पर्दे के अनुभव को फिर से परिभाषित किया है, जो छोटी फिल्मों या शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट (जैसे रील्स) से बिल्कुल अलग है।
रणवीर सिंह और आदित्य धर की प्रशंसा
इमरान ने यह भी स्वीकार किया कि रणवीर सिंह की ऊर्जा और आदित्य धर का विजन इस फिल्म की जान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद फिल्म निर्माता अब रिस्क लेने से नहीं डरेंगे और केवल ‘शॉर्ट फिल्म’ बनाने के चक्कर में अपनी रचनात्मकता से समझौता नहीं करेंगे।
जैसा कि हमने पहले चर्चा की, ‘धुरंधर’ ने अपने 36वें दिन भी 793.75 करोड़ रुपये (भारत-नेट) का आंकड़ा पार कर लिया है। ‘द राजा साब’ जैसी बड़ी फिल्म की रिलीज के बावजूद ‘धुरंधर’ के प्रति इमरान हाशमी जैसे कलाकारों का समर्थन यह दर्शाता है कि इंडस्ट्री के भीतर इस फिल्म का कितना सम्मान है।


