बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ को लेकर एक बड़ा अपडेट साझा किया है। राज्य सरकार ने अब महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है।
यह घोषणा आज (29 जनवरी, 2026) पटना में आयोजित कैबिनेट बैठक के बाद की गई, जिसमें महिला सशक्तिकरण से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव सहित कुल 32 एजेंडों पर मुहर लगी।
योजना की मुख्य शर्तें और अपडेट
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह 2 लाख रुपये की राशि उन महिलाओं को मिलेगी जिन्होंने योजना के पहले चरण का लाभ उठाया है। इसकी मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:
- प्रथम चरण की सफलता: पहले चरण में दी गई 10,000 रुपये की प्रारंभिक राशि का उपयोग स्वरोजगार शुरू करने के लिए सफलतापूर्वक किया गया हो।
- 6 महीने का आंकलन: रोजगार शुरू होने के 6 महीने बाद सरकारी अधिकारियों द्वारा व्यवसाय का आंकलन (Assessment) किया जाएगा। संतोषजनक प्रगति पाए जाने पर ही अतिरिक्त राशि स्वीकृत होगी।
- चरणबद्ध भुगतान: यह 2 लाख रुपये की राशि सामान्यतः किस्तों (Phases) में दी जाएगी। हालांकि, अगर किसी महिला का रोजगार बहुत अच्छा चल रहा है, तो विशेष स्थिति में उसे एकमुश्त (Lump-sum) राशि भी दी जा सकती है।
- मार्केटिंग सपोर्ट: सरकार केवल पैसा ही नहीं देगी, बल्कि लाभुकों द्वारा तैयार उत्पादों की मार्केटिंग के लिए भी व्यवस्था करेगी। इन्हें सुधा बिक्री केंद्र, दीदी की रसोई और पोशाक निर्माण जैसे सरकारी कार्यों से जोड़ा जाएगा।
अब तक की प्रगति
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि:
- राज्य के 1 करोड़ 56 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से पहली किस्त भेजी जा चुकी है।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के शेष पात्र आवेदकों को भी जल्द ही प्रारंभिक राशि भेज दी जाएगी।
- योजना का लक्ष्य बिहार के प्रत्येक परिवार से कम से कम एक महिला को उद्यमी बनाना है ताकि उन्हें रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।


