उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप अपने चरम पर पहुंच गया है। ताज़ा मौसम अपडेट के अनुसार, पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 9 जनवरी 2026 को उत्तर भारत के कई राज्यों में सर्दी का सितम और गहरा गया है। हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया है।
- कश्मीर: श्रीनगर और पहलगाम जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान -5.1 डिग्री से -8.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि प्रसिद्ध डल झील के किनारे और नलों का पानी पूरी तरह जम चुका है।
- लद्दाख: द्रास में पारा -24.7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है।
- उत्तराखंड: पिंडर घाटी और कपकोट के ऊंचाई वाले इलाकों में प्राकृतिक झरने और जल स्रोत बर्फ बन गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को पीने के पानी के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
दिल्ली-एनसीआर: कोहरे के साथ बिन मौसम बारिश
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (Noida, Gurugram, Ghaziabad) में आज सुबह मौसम ने करवट ली।
- हल्की बूंदाबांदी: सुबह करीब 6:00 बजे दिल्ली के कई हिस्सों में अचानक हुई बारिश ने ठिठुरन और बढ़ा दी है। हालांकि, इस बारिश से हवा की गुणवत्ता (AQI) में मामूली सुधार की उम्मीद है, लेकिन गलन बढ़ गई है।
- कोहरा और विजिबिलिटी: मध्यम से घना कोहरा छाए रहने के कारण सड़कों पर दृश्यता (Visibility) काफी कम दर्ज की गई, जिससे यातायात की रफ्तार धीमी रही।
मैदानी राज्यों का हाल
- राजस्थान: सीकर और चूरू जैसे जिलों में बर्फीली हवाओं का कहर जारी है, जिसके चलते 25 से अधिक जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
- हरियाणा और पंजाब: यहां ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। नारनौल में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- मध्य प्रदेश: ग्वालियर और रीवा जैसे जिलों में “कोल्ड डे” जैसे हालात बने हुए हैं।


