उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा जिले को एक बड़ी सौगात दी है। पंडित जवाहरलाल नेहरू डिग्री कॉलेज में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने बांदा के लिए ₹709 से ₹710 करोड़ (शीर्षक के अनुसार करीब ₹701 करोड़) की लागत वाली 229 से अधिक विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार बुंदेलखंड के विकास और इसकी तस्वीर बदलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने संकल्प दोहराया कि बुंदेलखंड क्षेत्र को “धरती का स्वर्ग” बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कभी पानी की भारी किल्लत और पिछड़ेपन के लिए जाने जाने वाले इस क्षेत्र को अब एक वैश्विक औद्योगिक और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
भाषण की मुख्य बातें:
- माफिया राज पर प्रहार: सीएम ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले बुंदेलखंड में भू-माफिया और डकैतों का आतंक था, जिसके कारण यहां का युवा पलायन करने को मजबूर था। आज यहां कानून का राज है।
- घर-घर नल से जल: उन्होंने ‘हर घर नल योजना’ की तारीफ करते हुए कहा कि हमारी माताओं-बहनों को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है।
- कनेक्टिविटी और विकास: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर इस क्षेत्र की नई पहचान बन चुके हैं।
विधानसभा वार विकास कार्यों का लेखा-जोखा
इस दौरे के दौरान बांदा जनपद की दो प्रमुख विधानसभाओं (बांदा सदर और बबेरू) को मुख्य रूप से कवर किया गया है:
| विधानसभा क्षेत्र | कार्य का प्रकार | लागत (करोड़ रुपये में) | परियोजनाओं की संख्या |
| बांदा सदर | लोकार्पण (पूर्ण कार्य) | ₹171 करोड़ | 45 परियोजनाएं |
| बांदा सदर | शिलान्यास (नए कार्य) | ₹425 करोड़ | 40 परियोजनाएं |
| बबेरू | लोकार्पण (पूर्ण कार्य) | ₹65 करोड़ | 64 परियोजनाएं |
| बबेरू | शिलान्यास (नए कार्य) | ₹47 करोड़ | 80 परियोजनाएं |
इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा शहर के कालूकुआं चौराहे पर रानी अवंती बाई लोधी की भव्य मूर्ति का अनावरण किए जाने की भी योजना रही।
सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा और प्रशासनिक मुस्तैदी
वीवीआईपी मूवमेंट और मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए बांदा जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और अभेद्य इंतजाम किए थे।
- त्रिस्तरीय सुरक्षा: कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और मुख्यमंत्री के भ्रमण मार्ग पर पुलिस और सुरक्षा बलों का कड़ा त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया गया था।
- यातायात डायवर्जन: शहर की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभिन्न रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
इस ऐतिहासिक दौरे और करोड़ों की योजनाओं की सौगात के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं और बुंदेलखंड की जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है।


