केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर करारा प्रहार किया है। गोयल ने राहुल गांधी को ‘नासमझ’ बताते हुए कहा कि उन्हें अर्थव्यवस्था की रत्ती भर भी समझ नहीं है और वे केवल भ्रम फैलाकर देश के विकास को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
पीयूष गोयल ने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा:
- अर्थव्यवस्था की समझ का अभाव: “मैं आज तक नहीं समझ पाया कि राहुल गांधी जैसे व्यक्ति को नेता प्रतिपक्ष कैसे बनाया गया। कांग्रेस यह क्यों नहीं देख पा रही कि जिसे न अर्थव्यवस्था की समझ है और न ही सच्चाई से कोई सरोकार, वह केवल ट्वीट्स और झूठ के सहारे राजनीति कर रहा है।”
- भ्रम फैलाने का आरोप: मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी भारतीय किसानों और कपड़ा निर्यातकों को डराकर देश की छवि धूमिल कर रहे हैं।
कॉटन नीति और किसानों का हित
राहुल गांधी के उन दावों का खंडन करते हुए कि अमेरिकी कपास के आयात से भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे, गोयल ने वास्तविकता स्पष्ट की:
- SEZ और पुरानी नीति: गोयल ने बताया कि ‘आयात करो, प्रोसेस करो और निर्यात करो’ की नीति दशकों पुरानी है। कांग्रेस के समय की SEZ (Special Economic Zone) नीति भी यही कहती है कि यदि आप कच्चा माल आयात कर उसे प्रोसेस करके निर्यात करते हैं, तो उस पर Zero Duty (शून्य शुल्क) लगती है।
- उत्पादन में वृद्धि: गोयल ने भरोसा दिलाया कि भारत की कॉटन उत्पादन क्षमता और मांग दोनों बढ़ेंगी। अमेरिका के पास स्वयं इतना अतिरिक्त कपास नहीं है कि वह भारत के विशाल बाजार या बांग्लादेश की मांग को प्रभावित कर सके।
रोजगार की अपार संभावनाएं
पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा कि इस व्यापार समझौते से भारत के कपड़ा उद्योग को वैश्विक बाजार (विशेषकर अमेरिका) में प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलेगी।
- युवाओं को काम: निर्यात बढ़ने से लाखों युवाओं और किसानों के बच्चों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
- किसानों को लाभ: जब कपड़ा उद्योग फलेगा-फूलेगा, तो भारतीय कपास की मांग भी बढ़ेगी, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आय में वृद्धि होगी।
निष्कर्ष: पीयूष गोयल के अनुसार, राहुल गांधी अपनी ही पार्टी की पुरानी नीतियों (जैसे SEZ) का विरोध कर रहे हैं, जो उनकी अज्ञानता को दर्शाता है।


