जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर जारी है, जिससे मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आज, 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर भी मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं।
पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है। गुलमर्ग, पहलगाम और मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फ की मोटी परत जम गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों में उत्तराखंड के भी कुछ हिस्सों में हिमपात की संभावना है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी राज्यों में तापमान को तेजी से गिराया है।
मैदानी इलाकों में शीतलहर का प्रकोप
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्से शीतलहर (Cold Wave) की चपेट में हैं। राजस्थान के चुरू और फतेहपुर में न्यूनतम तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है। घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) कम होने से रेल और हवाई यातायात पर भी बुरा असर पड़ा है। गणतंत्र दिवस की सुबह कई राज्यों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही।
दिल्ली में ‘चुभन’ वाली ठंड
राजधानी दिल्ली में ठंड का कहर जारी है। सोमवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। ठंडी हवाओं के कारण ‘कनकनी’ बढ़ गई है, जिसे आम भाषा में ‘चुभन वाली ठंड’ कहा जा रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अगले कुछ दिनों तक कोहरे व शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद कम जताई है।
आगामी पूर्वानुमान
- बारिश की संभावना: 27 जनवरी से दिल्ली-NCR और आसपास के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी।
- नया विक्षोभ: 30 जनवरी के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे सकता है, जो फरवरी की शुरुआत तक सर्दी को बरकरार रखेगा।
- सावधानी: प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने और गर्म कपड़ों का उचित उपयोग करने की सलाह दी है।


