उत्तर भारत में मौसम ने करवट बदल ली है और एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। 27 जनवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हुई, जबकि दिल्ली-NCR समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी और वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण नीचे दिया गया है: कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है।
- हिमस्खलन (Avalanche) की चेतावनी: जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (JKUTDMA) ने गांदरबल, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, और डोडा समेत 11 जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया है। लोगों को 2,000 मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।
- यातायात ठप: भारी बर्फबारी के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया गया है। श्रीनगर एयरपोर्ट पर दृश्यता कम होने और रनवे पर बर्फ जमा होने के कारण लगभग 50 उड़ानें रद्द कर दी गईं।
मैदानों में बारिश का ‘रेड अलर्ट’: दिल्ली-NCR का हाल
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मंगलवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली।
- रेड और ऑरेंज अलर्ट: IMD ने उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया, जबकि अन्य हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट रहा।
- रिकॉर्ड बारिश: दिल्ली में जनवरी के महीने में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है।
- फ्लाइट एडवाइजरी: इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर जैसी एयरलाइंस ने खराब मौसम के कारण यात्रियों को उड़ान समय की जांच करने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में असर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है।
- UP का अपडेट: लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में दोपहर के बाद तेज बारिश और गरज-चमक का अनुमान जताया गया है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे रबी की फसलों (विशेषकर सरसों और गेहूं) को नुकसान पहुँच सकता है।
- तापमान: बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन में भी कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, यह विक्षोभ 28 जनवरी तक सक्रिय रह सकता है। इसके बाद बादलों के छंटने के साथ ही घने कोहरे (Dense Fog) और न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। 30 जनवरी की रात से एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।


