पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से देशभर के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मार्च के महीने में बढ़ती तपिश के बीच आईएमडी (IMD) ने उत्तर से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 17 मार्च की रात से एक नया और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो गया है। इसका प्रभाव 18 से 20 मार्च 2026 के बीच सबसे अधिक रहने की संभावना है।
प्रमुख क्षेत्रीय पूर्वानुमान:
- पहाड़ी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के आसार हैं। हिमाचल में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है।
- मैदानी इलाके (उत्तर भारत): दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बादल छाए रहेंगे। 19 और 20 मार्च को इन क्षेत्रों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
- मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। विशेष रूप से विदर्भ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान का असर दिखेगा।
- दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बिजली गिरने के साथ हल्की बारिश का अनुमान है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन बारिश और पश्चिमी विक्षोभ के असर से उसके अगले दो दिनों में पारे में 4 से 7 डिग्री तक की भारी गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को मार्च की शुरुआती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्रों में 18 मार्च को धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे ओलावृष्टि और तेज हवाओं को देखते हुए अपनी कटी हुई फसलों का ध्यान रखें।


