टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में जिम्बाब्वे पर वेस्टइंडीज की 107 रनों की विशाल जीत ने ग्रुप-1 के समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज न केवल अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है, बल्कि उनके नेट रन रेट (NRR) में आए जबरदस्त उछाल ने डिफेंडिंग चैंपियन भारत की राह को अत्यंत कठिन बना दिया है। भारत के लिए अब सेमीफाइनल की राह कुछ इस प्रकार है।
ग्रुप-1 की मौजूदा स्थिति (सुपर-8)
| स्थान | टीम | मैच | जीत | हार | अंक | नेट रन रेट (NRR) |
| 1 | वेस्टइंडीज | 1 | 1 | 0 | 2 | +5.350 |
| 2 | दक्षिण अफ्रीका | 1 | 1 | 0 | 2 | +3.800 |
| 3 | भारत | 1 | 0 | 1 | 0 | -3.800 |
| 4 | जिम्बाब्वे | 1 | 0 | 1 | 0 | -5.350 |
सेमीफाइनल का गणित: भारत के लिए ‘करो या मरो’
दक्षिण अफ्रीका से मिली 76 रनों की करारी हार के बाद भारत का रन रेट बेहद खराब हो गया है। अब सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए टीम इंडिया के पास दो मुख्य रास्ते हैं:
दो बड़ी जीत अनिवार्य
भारत को अपने अगले दोनों मैच (26 फरवरी को जिम्बाब्वे और 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ) जीतने ही होंगे। सिर्फ जीतना काफी नहीं होगा, बल्कि NRR सुधारने के लिए जिम्बाब्वे को बहुत बड़े अंतर से हराना होगा।
दक्षिण अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज का नतीजा
यदि दक्षिण अफ्रीका अपने अगले मैच में वेस्टइंडीज को हरा देता है, तो भारत के लिए राह थोड़ी आसान हो सकती है। ऐसी स्थिति में अगर भारत जिम्बाब्वे को हरा देता है, तो वेस्टइंडीज और भारत दोनों के पास 2-2 अंक होंगे। आखिरी मैच (भारत बनाम वेस्टइंडीज) एक ‘वर्चुअल क्वार्टरफाइनल’ बन जाएगा, जहाँ जीतने वाली टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुँच जाएगी।
थ्री-वे टाई का खतरा (NRR वॉर)
यदि वेस्टइंडीज की टीम दक्षिण अफ्रीका को हरा देती है और भारत जिम्बाब्वे को, तो वेस्टइंडीज के 4 अंक हो जाएंगे और वह लगभग क्वालीफाई कर लेगा। दूसरे स्थान के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जंग होगी। अगर भारत अंतिम मैच में विंडीज को हरा देता है, तो तीन टीमों (भारत, विंडीज, द. अफ्रीका) के 4-4 अंक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में नेट रन रेट ही फैसला करेगा, और वर्तमान में भारत इस मामले में सबसे पीछे है।
वेस्टइंडीज के +5.350 के रन रेट ने भारत को बैकफुट पर धकेल दिया है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम को अब चमत्कारिक प्रदर्शन की जरूरत है। भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई में जिम्बाब्वे से है, जहाँ स्पिनरों की मददगार पिच पर बड़ी जीत हासिल करना प्राथमिकता होगी।


