देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती प्रसार (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने से उत्तर भारत में जहां बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, वहीं पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप देखा जा रहा है।
उत्तर भारत: बारिश और बर्फबारी का अलर्ट
उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू क्षेत्र पर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण पहाड़ी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में 27 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
- मैदानी इलाके: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 27 से 31 मार्च के बीच धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 30-50 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र और पश्चिम भारत: गर्मी का सितम
एक तरफ उत्तर में ठंडक है, तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र के अकोला में पारा 40°C के पार पहुंच गया है।
- हीटवेव की स्थिति: विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। गुजरात और कोंकण क्षेत्र में भी उमस भरी गर्मी (Hot and Humid) बनी हुई है।
- अचानक बदलाव: हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी अनुमान लगाया है कि अगले 48 घंटों में विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे गर्मी से मामूली राहत मिल सकती है।
पूर्वोत्तर और अन्य राज्य
पूर्वोत्तर भारत असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 27 से 29 मार्च के बीच भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण भारत केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भी छिटपुट बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। खराब मौसम और ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसलों (विशेषकर गेहूं और सरसों) को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को भूस्खलन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


