नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता हुई। यह वार्ता भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ (गोल्डन जुबली) के अवसर पर आयोजित की गई, जिसमें हिंद महासागर की सुरक्षा और द्विपक्षीय विकास पर जोर दिया गया।
$175 मिलियन का विशेष पैकेज
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के विकास के लिए 175 मिलियन डॉलर (करीब ₹1,450 करोड़) के ‘स्पेशल पैकेज’ की घोषणा की। यह सहायता निम्नलिखित क्षेत्रों में खर्च की जाएगी:
- सोशल हाउसिंग और ई-मोबिलिटी।
- वोकेशनल ट्रेनिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा।
- रक्षा और समुद्री (मैरिटाइम) सुरक्षा।
हिंद महासागर और ब्लू इकोनॉमी
दोनों नेताओं ने हिंद महासागर को एक साझा भविष्य के रूप में आकार देने पर सहमति जताई। समुद्री अनुसंधान, क्षमता निर्माण और डेटा साझाकरण में भारत अपनी विशेषज्ञता सेशेल्स के साथ साझा करेगा। समुद्री पड़ोसी होने के नाते, दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता और मैरिटाइम सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए ‘जल, थल और नभ’ में सहयोग करेंगे।
डिजिटल और आर्थिक साझेदारी
- फिनटेक: दोनों देश डिजिटल समाधानों और फिनटेक क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे।
- लोकल करेंसी: आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए स्थानीय मुद्रा (Local Currency) में व्यापार बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
- सिविल सेवक ट्रेनिंग: सेशेल्स के सिविल सेवकों की भारत में ट्रेनिंग के लिए एक महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
ऐतिहासिक मित्रता के 50 वर्ष
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को उनके चुनाव पर बधाई दी और कहा कि भारत-सेशेल्स का रिश्ता केवल भूगोल नहीं, बल्कि इतिहास और भरोसे से जुड़ा है। वहीं, राष्ट्रपति हर्मिनी ने पीएम मोदी को जून में होने वाले सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में आमंत्रित किया।
राष्ट्रपति हर्मिनी ने पर्यटन को अपनी अर्थव्यवस्था का आधार बताते हुए भारत के साथ बेहतर ‘एयर कनेक्टिविटी’ की सराहना की। यह यात्रा भारत की ‘SAGAR’ (Security and Growth for All in the Region) नीति को और मजबूत करती है, जिसमें सेशेल्स एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरा है।


