अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच रविवार, 5 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी सैन्य सफलता की घोषणा की है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ईरान के भीतर मार गिराए गए F-15E फाइटर जेट के दूसरे क्रू मेंबर (कर्नल रैंक के अधिकारी) को सुरक्षित बचा लिया गया है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सैन्य इतिहास के “सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक” बताया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस मिशन का ब्यौरा देते हुए बताया कि कैसे अमेरिकी जांबाजों ने दुश्मन की नाक के नीचे से अपने साथी को बाहर निकाला। ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी अधिकारी ईरान के दुर्गम पहाड़ों में फंसा हुआ था। ईरानी सेना के जवान हर घंटे उसके करीब आ रहे थे और उसे ढूंढने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रहे थे। हालांकि अधिकारी अकेला था, लेकिन ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस, वॉर सेक्रेटरी और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ 24 घंटे उसके सिग्नल (Beacon) को ट्रैक कर रहे थे।
- भारी सैन्य बल: मिशन की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ट्रंप के निर्देश पर दर्जनों विमानों को इस रेस्क्यू के लिए भेजा गया था, जो दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस थे।
ऑपरेशन की रणनीति और चुनौतियां
यह रेस्क्यू मिशन किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था। सीआईए (CIA) और विशेष कमांडो यूनिट ने मिलकर इसे अंजाम दिया।
- धोखे की रणनीति (Deception Campaign): सीआईए ने ईरान के भीतर यह अफवाह फैला दी कि अमेरिकी सेना ने पायलट को पहले ही ढूंढ लिया है और उसे जमीन के रास्ते बाहर ले जा रही है। इससे ईरानी सेना का ध्यान भटक गया।
- हवाई सुरक्षा: अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन्स ने अधिकारी की सुरक्षा के लिए 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसी भी संदिग्ध ईरानी खतरे पर सीधे हमले किए।
- घायल लेकिन सुरक्षित: बचाए गए अधिकारी को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन ट्रंप ने पुष्टि की है कि वह पूरी तरह ठीक हो जाएगा। उसे इलाज के लिए कुवैत ले जाया गया है।
सैन्य इतिहास में पहली बार
ट्रंप ने इस मिशन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सैन्य इतिहास में यह पहली बार है जब दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग अभियानों में, दुश्मन के इलाके के काफी भीतर से सफलतापूर्वक बचाया गया है।
ट्रंप का संदेश: “हम अपने किसी भी जांबाज को कभी पीछे नहीं छोड़ेंगे। यह ऑपरेशन अमेरिकी वायु सेना की सर्वोच्चता और हमारी सेना की व्यावसायिकता का प्रमाण है।”
| महत्वपूर्ण तथ्य | विवरण |
| विमान का प्रकार | F-15E स्ट्राइक ईगल (Strike Eagle) |
| पहला रेस्क्यू | शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को पायलट को बचाया गया। |
| दूसरा रेस्क्यू | रविवार (5 अप्रैल 2026) को कर्नल (हथियार प्रणाली अधिकारी) को बचाया गया। |
| नुकसान | इस पूरे ऑपरेशन में एक भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई। |


