उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 जनवरी 2026 को लखनऊ में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन – ग्रामीण) कानून को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला और इसे ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था के लिए ‘मील का पत्थर’ बताया।
सीएम योगी के संबोधन के मुख्य बिंदु
- विपक्ष पर हमला: मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने दशकों तक देश के संसाधनों पर ‘डाका’ डाला और भ्रष्टाचार के माध्यम से विकास को रोका, वे आज इस ऐतिहासिक कानून पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले की सरकारों में ‘जय श्री राम’ बोलने पर लाठियां चलती थीं, लेकिन आज मोदी सरकार की नीतियां प्रभु राम के नाम और उनके आदर्शों से प्रेरित हैं।
- मील का पत्थर: सीएम योगी ने VB-G RAM G कानून को ‘विकसित भारत’ की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून न केवल रोजगार की गारंटी देता है, बल्कि गांवों के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगा।
- रोजगार की नई गारंटी: उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के संकट को खत्म करेगी। अब कोई भी ग्रामीण युवा या श्रमिक अपने गांव में ही साल के 125 दिन के निश्चित रोजगार का अधिकार रखेगा।
क्या है VB-G RAM G कानून? (मनरेगा बनाम जी राम जी)
यह नया कानून मौजूदा मनरेगा (MGNREGA) का उन्नत और आधुनिक संस्करण है। इसके प्रमुख बदलाव नीचे दी गई तालिका में देखे जा सकते हैं:
| विशेषता | मनरेगा (पुराना) | VB-G RAM G (नया) |
| रोजगार गारंटी | 100 दिन प्रति वर्ष | 125 दिन प्रति वर्ष |
| नाम का आधार | महात्मा गांधी | विकसित भारत – जी राम जी |
| कृषि सीजन ‘पॉज’ | कोई प्रावधान नहीं था | 60 दिन का अवकाश (बुवाई/कटाई के समय) |
| मुख्य फोकस | केवल मजदूरी आधारित कार्य | स्थायी परिसंपत्तियां और जल सुरक्षा |
| तकनीक | सीमित डिजिटल उपयोग | जियोस्पेशियल मैपिंग और रियल-टाइम ट्रैकिंग |
किसानों और मजदूरों को लाभ
सीएम योगी ने इस कानून के तार्किक लाभ गिनाते हुए कहा, खेती के सीजन (बुवाई और कटाई) के दौरान 60 दिनों के लिए इस योजना के तहत काम रोकने का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को खेती के लिए आसानी से मजदूर मिल सकेंगे। नई तकनीक और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से फर्जी हाजिरी और मजदूरी की चोरी पूरी तरह बंद हो जाएगी।इस योजना के तहत होने वाले काम अब जल संरक्षण, भंडारण (Storage) और ग्रामीण सड़कों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर केंद्रित होंगे।
“यह कानून सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण का ‘रामबाण’ है।” – योगी आदित्यनाथ


