भारत के 15 वर्षीय युवा क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) इन दिनों अपने खेल के साथ-साथ एक बेहद अनोखे नियम के कारण भारत से लेकर इंग्लैंड और आयरलैंड तक चर्चा का विषय बने हुए हैं। दरअसल, भारतीय टीम के सीनियर स्क्वाड में शामिल हो चुके वैभव को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के दौरान सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम (चेंजिंग रूम) साझा करने और वहां नहाने (Showering Facilities) की अनुमति नहीं होगी। उनके लिए हर मैदान पर एक अलग और निजी चेंजिंग रूम की व्यवस्था की जाएगी।
क्यों लागू हुआ यह अनोखा नियम?
यह पूरी पाबंदी इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और यूनाइटेड किंगडम (UK) के स्थानीय चाइल्ड सेफगार्डिंग रेगुलेशंस (बाल सुरक्षा नियमों) के तहत लगाई गई है:
- 16 साल से कम उम्र के नियम: यूके के सख्त कानूनों और ईसीबी की ‘सेफ हैंड्स’ (Safe Hands) पॉलिसी के मुताबिक, 16 वर्ष से कम उम्र का कोई भी नाबालिग खिलाड़ी वयस्क (Adult) खिलाड़ियों के साथ चेंजिंग रूम या शावर (नहाने की जगह) का उपयोग नहीं कर सकता। चूंकि वैभव की उम्र अभी केवल 15 वर्ष है, इसलिए यह नियम उन पर पूरी तरह लागू होता है।
- मैच और रणनीति में छूट: इस पाबंदी का असर उनके खेल पर नहीं पड़ेगा। नियमों के अनुसार, मैच के दौरान और टीम मीटिंग या रणनीतिक चर्चाओं के समय वैभव टीम इंडिया के मुख्य ड्रेसिंग रूम में मौजूद रह सकते हैं। यह रोक केवल मैच से पहले और बाद में कपड़े बदलने या नहाने के समय ही लागू होगी।
आईपीएल में नहीं था ऐसा नियम
वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया था, जहां उन्होंने सीनियर और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ सामान्य रूप से ड्रेसिंग रूम साझा किया था, क्योंकि भारत में इस तरह का कोई कड़ा नियम लागू नहीं है। लेकिन इंग्लैंड और आयरलैंड में स्थानीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य है।
इंग्लिश स्पोर्ट्स में है आम बात
ब्रिटिश खेल जगत में यह कोई नई बात नहीं है। उदाहरण के लिए, इंग्लिश फुटबॉल क्लब आर्सेनल के युवा खिलाड़ी मैक्स डोवमैन को भी पिछले सीजन में 16 साल का होने तक अपने सीनियर साथियों से अलग चेंजिंग रूम का इस्तेमाल करना पड़ता था।
माता-पिता भी रहेंगे साथ: वैभव की कम उम्र को देखते हुए बीसीसीआई (BCCI) ने इस दौरे पर अपने नियमित प्रोटोकॉल में ढील दी है। वैभव के माता-पिता पूरे दौरे पर उनके साथ यात्रा करेंगे और उसी होटल में ठहरेंगे, ताकि उन्हें अतिरिक्त पारिवारिक सहयोग और देखभाल मिल सके।


