अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध आज अपने छठे दिन (5 मार्च 2026) में प्रवेश कर गया है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल जीवन रेखा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया।
प्रमुख संकट और प्रभाव:
- तेल आपूर्ति ठप: दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20% और एलएनजी (LNG) का एक बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह टूट गई है।
- कीमतों में रिकॉर्ड उछाल: वैश्विक बाजारों में हड़कंप मच गया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें $85 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि गतिरोध जारी रहा, तो कीमतें $100 से $150 तक पहुंच सकती हैं।
- समुद्री परिवहन पर ब्रेक: ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाएगा। इसके डर से प्रमुख शिपिंग कंपनियों (जैसे Maersk और MSC) ने अपने जहाजों को अफ्रीका के ‘केप ऑफ गुड होप’ के लंबे रास्ते पर मोड़ दिया है।
- भारत पर असर: भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। आपूर्ति बाधित होने से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि, रूस ने संकट के बीच भारत को अतिरिक्त तेल देने का भरोसा दिया है।
युद्ध की वर्तमान स्थिति:
5 मार्च की सुबह ईरान ने इस्राइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। यह जवाबी कार्रवाई अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत को डुबोने और सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उपजे तनाव के बीच हुई है।


