उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में हाल ही में उजागर हुए नशीले कफ सिरप सिंडिकेट को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है। 19 दिसंबर 2025 को विधानमंडल सत्र के दौरान सीएम योगी ने कहा कि इस जहरीले कारोबार में शामिल पकड़े गए अभियुक्तों के सीधे संबंध ‘सपा के माफियाओं’ से पाए गए हैं।
सीएम योगी के बयान की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले की तह तक जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने कहा, “यह हर कोई जानता है कि प्रदेश के लगभग हर माफिया को समाजवादी पार्टी का संरक्षण प्राप्त रहा है। प्रारंभिक जांच में पकड़े गए कुछ मुख्य अभियुक्तों के संबंध सीधे तौर पर सपा से जुड़े मिले हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि नशीली दवाओं का यह कारोबार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। इसके पीछे जो भी सिंडिकेट काम कर रहा है, उसे पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी (कानून-व्यवस्था) की अध्यक्षता में एक SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया गया है। साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी करोड़ों रुपये के मनी ट्रेल और दुबई-थाईलैंड कनेक्शन की जांच कर रही है। 24 जनवरी को हमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर चर्चा का आयोजन किया जाएगा। सीएम योगी ने कहा, 24 जनवरी को यूपी का स्थापना दिवस भी है। सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर चर्चा के लिए अनुरोध किया है।
क्या है पूरा मामला?
यूपी एसटीएफ और ड्रग विभाग ने पिछले कुछ महीनों में एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई नेपाल और बांग्लादेश तक कर रहा था। शुभम जायसवाल और अमित सिंह टाटा जैसे नाम इस कांड के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। हालिया जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने अवैध कमाई से पूर्वांचल के एक प्रभावशाली माफिया के रिश्तेदार को करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां गिफ्ट की थीं।


