पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम (Ceasefire) का एलान किया है। यह घोषणा उस समय हुई जब दुनिया एक भीषण युद्ध की कगार पर खड़ी थी और ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर उनकी शर्तें नहीं मानी गईं तो “पूरी सभ्यता नष्ट हो सकती है।”
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बड़ी शर्त
ट्रंप ने युद्धविराम के लिए सबसे बड़ी शर्त होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और पूरी तरह से खोलने की रखी है।
- अमेरिकी मांग: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को वैश्विक व्यापार और तेल की आपूर्ति के लिए इस समुद्री रास्ते को “पूर्ण, तत्काल और सुरक्षित” रूप से खोलना होगा।
- ईरान का रुख: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि यदि हमले रुकते हैं, तो उनकी सेना रक्षात्मक कार्रवाई बंद कर देगी। हालांकि, ईरान ने कहा है कि होर्मुज से जहाजों का आवागमन ईरानी सेना के साथ समन्वय (Coordination) के आधार पर होगा।
शांति समझौते की उम्मीद: 10-सूत्रीय एजेंडा
ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान एक स्थायी शांति समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने ईरान द्वारा प्रस्तावित 10-सूत्रीय शांति योजना को “काम करने योग्य आधार” (Workable basis) बताया है। अगले दो हफ्तों तक दोनों पक्षों के बीच गहन चर्चा होगी। 10 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण वार्ता होने की संभावना है।
वैश्विक बाजार पर असर
इस घोषणा का असर तुरंत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में 9% से 17% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे वैश्विक बाजारों ने राहत की सांस ली है।
हालांकि, ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने साफ किया है कि यह केवल एक युद्धविराम है और इसे अभी “युद्ध का अंत” नहीं माना जाना चाहिए। भविष्य की शांति इस बात पर टिकी है कि आगामी दो हफ्तों में होर्मुज और प्रतिबंधों को लेकर क्या सहमति बनती है।


