अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक कड़ा संदेश जारी करते हुए ईरान को अंतिम चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन नहीं किया, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप की नई शर्तें और सख्त तेवर
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पोस्ट में दो मुख्य शर्तें रखी हैं:
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ट्रंप ने मांग की है कि ईरान वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस समुद्री मार्ग को तुरंत और पूरी तरह से सुरक्षित आवाजाही के लिए खोल दे।
- परमाणु कार्यक्रम: उन्होंने दोहराया कि ईरान को यह लिखित वादा करना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए लिखा, “जब तक एक ‘असली समझौता’ (REAL AGREEMENT) नहीं हो जाता और उसका पूरी तरह पालन नहीं किया जाता, तब तक अमेरिका के सभी जहाज, विमान और सैन्य कर्मी अपनी जगह पर तैनात रहेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि यदि ईरान किसी भी कारण से विफल रहता है, तो अमेरिका फिर से हमले शुरू कर देगा।
युद्धविराम के बीच बढ़ता तनाव
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में दोनों देशों के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति बनी थी। हालांकि, ट्रंप का ताजा बयान इस बात का संकेत है कि अमेरिका अपनी सैन्य उपस्थिति कम करने के मूड में नहीं है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत ईरान की सैन्य क्षमताओं को पहले ही काफी नुकसान पहुंचाया है।
वैश्विक प्रभाव और चिंताएं
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा हुआ है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि “पूरी सभ्यता” को खतरा हो सकता है यदि इस मुद्दे का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से नहीं निकाला गया।
फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें 10 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली प्रस्तावित बातचीत पर टिकी हैं, जहां दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच एक व्यापक शांति समझौते को लेकर चर्चा हो सकती है।


