फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच हुई मुलाकात ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी उम्मीद जगाई है। लगभग तीन घंटे तक चली इस निजी बैठक के बाद दोनों नेताओं ने सकारात्मक संकेत दिए हैं।
मुख्य बिंदु और समझौते की स्थिति
- 90% सहमति का दावा: जेलेंस्की के अनुसार, युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित 20 सूत्रीय शांति योजना पर लगभग 90-95% सहमति बन चुकी है। सुरक्षा गारंटी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों पक्ष एकमत नजर आ रहे हैं।
- सुरक्षा गारंटी: जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी (जो नाटो के आर्टिकल 5 जैसी हो सकती है) पर “पूर्ण समझ” बन गई है, जो स्थायी शांति के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
- प्रमुख अड़चन (जमीन का विवाद): सबसे बड़ा विवाद अभी भी क्षेत्रीय अखंडता यानी जमीन के कब्जे को लेकर है। डोनबास क्षेत्र और अन्य रूसी कब्जे वाले इलाकों पर अब भी दोनों देशों के रुख अलग हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि कुछ विवादित क्षेत्रों पर अभी समझौता होना बाकी है।
- ट्रंप का बयान: डोनाल्ड ट्रंप ने इस बैठक को ‘शानदार’ बताया और कहा कि अगर सब कुछ सही रहा, तो अगले कुछ हफ्तों में एक ठोस नतीजा सामने आ सकता है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस मुलाकात से पहले उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी फोन पर बात की थी।
आगे की रणनीति
जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि शांति योजना के किसी भी बिंदु पर अंतिम फैसला यूक्रेन की जनता का होगा और इसके लिए जनमत संग्रह (Referendum) का सहारा लिया जा सकता है। जनवरी 2026 में वॉशिंगटन में एक और दौर की बातचीत होने की संभावना है, जिसमें यूरोपीय नेताओं को भी शामिल किया जा सकता है।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार अमेरिका, यूक्रेन और रूस के बीच त्रिपक्षीय कार्य समूह (Trilateral Working Group) बनाने की चर्चा हुई है, जो आगे की बातचीत की निगरानी करेगा।


