पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में प्रधानमंत्री मोदी ने मुर्शिदाबाद को अपना केंद्र बनाते हुए टीएमसी सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बंगाल की जनता अब बदलाव के लिए तैयार है और टीएमसी का “जंगलराज” अपने अंतिम दिनों में है।
पीएम मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु
- लेफ्ट की कार्बन कॉपी: पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि जिस तरह वामपंथियों ने बंगाल को हिंसा और गरीबी की ओर धकेला था, टीएमसी ने ठीक वही रास्ता अपनाया है। उन्होंने कहा, “TMC आज लेफ्ट की कार्बन कॉपी बन गई है। वही सिंडिकेट राज, वही तोलाबाजी और वही हिंसा आज टीएमसी की पहचान है।”
- घुसपैठियों पर प्रहार: प्रधानमंत्री ने मुर्शिदाबाद की भौगोलिक संवेदनशीलता का जिक्र करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “घुसपैठियों की सरकार” का अंत अब तय है क्योंकि बंगाल की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- भ्रष्टाचार और कट मनी: रैली में पीएम ने टीएमसी के नेताओं पर ‘कट मनी’ और भर्ती घोटालों का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों का हक मारने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
बीजेपी का ‘विक्ट्री रोडमैप’
प्रधानमंत्री ने जंगीपुर की जनता के सामने बीजेपी की जीत का संकल्प दोहराया:
- विकास का वादा: उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं (जैसे पीएम आवास और आयुष्मान भारत) को बंगाल में लागू न होने देने के लिए राज्य सरकार को कोसा।
- कानून का राज: पीएम ने वादा किया कि बीजेपी की सरकार आने पर बंगाल में डर का माहौल खत्म होगा और असली ‘सोनार बांग्ला’ का निर्माण होगा।
- युवाओं को संदेश: उन्होंने राज्य के युवाओं से अपील की कि वे पलायन रोकने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए बीजेपी को वोट दें।
- मुर्शिदाबाद की यह रैली यह साफ कर देती है कि 2026 के चुनावों में बीजेपी ‘घुसपैठ’ और ‘अराजकता’ को सबसे बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है। पीएम मोदी का टीएमसी को “वामपंथियों का नया संस्करण” बताना उन मतदाताओं को लुभाने की कोशिश है जो पुराने शासन से त्रस्त होकर परिवर्तन की उम्मीद कर रहे थे।
“बंगाल की जनता ने मन बना लिया है। हिंसा के खेल से लोकतंत्र को दबाने वालों को अब जनता अपने वोट की चोट से जवाब देगी।” – पीएम मोदी


