बीएमसी (BMC) चुनावों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे (ठाकरे बंधुओं) के हालिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। शिंदे ने आरोप लगाया है कि इन दोनों भाइयों का ‘मराठी मानुष’ के प्रति प्रेम महज एक दिखावा है और यह गठबंधन केवल सत्ता हथियाने के लिए किया गया है। शिंदे ने अपनी जीत का जबरदस्त आत्मविश्वास जताया है। उन्होंने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि महायुति की हालिया सफलता तो सिर्फ एक ‘ट्रेलर’ थी, असली ‘फिल्म’ अभी बाकी है। शिंदे ने जानकारी दी कि महायुति ने अब तक 29 नगर निकायों में 68 सीटें निर्विरोध जीतकर अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी है।
एकनाथ शिंदे के हमले के मुख्य बिंदु
सत्ता का लालच: शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि जब तक सत्ता पास थी, तब तक भाइयों को एक-दूसरे की याद नहीं आई, लेकिन अब जब जनता ने उन्हें नकार दिया है, तो उन्हें ‘ब्रैंड’ और ‘भाई’ याद आ रहे हैं।
- मराठी मानुष का मुद्दा: उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में जब बीएमसी पर इनका राज था, तब मराठी मानुष मुंबई से बाहर क्यों गया? शिंदे के अनुसार, इनका “म” मराठी का नहीं बल्कि “मलिदा” (पैसों) और “मतलब” का है।
- असली उत्तराधिकारी: उप मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बालासाहेब ठाकरे के असली विचारों के वारिस वह और उनकी शिवसेना है, जो विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।
बीएमसी चुनाव 2026 का समीकरण
ठाकरे भाइयों के साथ आने से मुंबई की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। इस बार मुकाबला काफी रोचक होने वाला है:
| पक्ष | मुख्य घटक दल |
| महायुति | भाजपा, शिवसेना (एकनाथ शिंदे), राकांपा (अजीत पवार) |
| ठाकरे गठबंधन | शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) |
| महाविकास अघाड़ी | कांग्रेस और शरद पवार की राकांपा (गठबंधन की बातचीत जारी) |
चुनाव की तारीखें
- मतदान: 15 जनवरी, 2026 (संभावित)
- नतीजे: 16-17 जनवरी, 2026 तक
राज और उद्धव ठाकरे ने करीब 20 साल बाद हाथ मिलाया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बीएमसी पर भाजपा और शिंदे गुट के बढ़ते प्रभाव को रोकना है।


