More
    HomeHindi Newsयह अंत नहीं, एक नई शुरुआत है, बीएमसी में हार के बाद...

    यह अंत नहीं, एक नई शुरुआत है, बीएमसी में हार के बाद बोले राज ठाकरे

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों में ‘महायुति’ (BJP-शिंदे सेना) की जीत और ठाकरे गठबंधन की हार के बाद उद्धव और राज ठाकरे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। वर्षों बाद हाथ मिलाने के बावजूद सत्ता से दूर रहने पर दोनों भाइयों ने भविष्य की रणनीति और मराठी अस्मिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है।

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने चुनाव परिणामों के बाद अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हार से निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा:

    • मराठी पहचान सर्वोपरि: राज ठाकरे ने कहा कि उनकी लड़ाई हमेशा महाराष्ट्र के हितों और मराठी मानुष की पहचान के लिए रही है और वह इसे और भी मजबूती से जारी रखेंगे।
    • संगठन का पुनर्निर्माण: उन्होंने मनसे के पुनर्गठन का वादा किया और कहा कि वे जमीनी स्तर पर जाकर लोगों का विश्वास फिर से जीतेंगे।
    • विपक्ष की भूमिका: उन्होंने संकेत दिया कि मनसे अब सड़क पर उतरकर जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करेगी।

    उद्धव ठाकरे: “लोकतंत्र में जनता का फैसला स्वीकार”

    शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शालीनता से हार स्वीकार करते हुए कहा कि वे जनता के जनादेश का सम्मान करते हैं। उद्धव ने परोक्ष रूप से भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि धनबल और वोटों के ध्रुवीकरण ने नतीजों को प्रभावित किया, लेकिन शिवसेना का ‘मशाल’ बुझने वाला नहीं है।

    • उन्होंने साफ किया कि राज ठाकरे और अन्य सहयोगियों के साथ उनका गठबंधन भविष्य में भी जारी रह सकता है, क्योंकि उनका लक्ष्य मुंबई को बाहरी ताकतों के नियंत्रण से बचाना है।

    क्या कहता है ठाकरे बंधुओं का साथ?

    भले ही यह गठबंधन बहुमत हासिल करने में विफल रहा, लेकिन इसने दादर, माहिम और शिवड़ी जैसे कुछ ‘मराठी गढ़ों’ में अपनी पकड़ साबित की है। राज और उद्धव का एक सुर में “मराठी अस्मिता” की बात करना यह दर्शाता है कि आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में ‘मराठी मानुष’ का कार्ड एक बार फिर बड़े पैमाने पर खेला जाएगा।

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments