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    यह वह समझौता नहीं जो हमारे बीच हुआ, ट्रंप पाकिस्तान से नाराज, ईरान को दी चेतावनी

    हॉर्मुज जलडमरूमध्य विवाद: टैंकरों पर टैक्स वसूलने को लेकर ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी

    अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए 14 दिनों के अस्थाई संघर्षविराम (Ceasefire) में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की आवाजाही को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा तेल टैंकरों से टैक्स या टोल वसूलने की खबरों पर कड़ी आपत्ति जताई है और तेहरान को इसे तुरंत बंद करने की चेतावनी दी है।

    ट्रंप का कड़ा रुख: “यह वह समझौता नहीं है!”

    ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कई पोस्ट के जरिए ईरान पर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का यह कदम मौजूदा समझौते की शर्तों का उल्लंघन है। ट्रंप के प्रमुख बयान:

    • शुल्क पर चेतावनी: “ऐसी खबरें हैं कि ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों से शुल्क ले रहा है—उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, और यदि वे कर रहे हैं, तो उन्हें अभी रुक जाना चाहिए!”
    • खराब प्रबंधन का आरोप: ट्रंप ने ईरान पर तेल टैंकरों को रास्ता देने में “अत्यंत खराब और अपमानजनक” काम करने का आरोप लगाया।
    • समझौते का उल्लंघन: उन्होंने सीधे तौर पर कहा, “यह वह समझौता नहीं है जो हमारे बीच हुआ है!”

    ईरान की योजना: $1 प्रति बैरल और क्रिप्टो में भुगतान

    रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने हॉर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर $1 प्रति बैरल का शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस योजना की कुछ मुख्य बातें:

    • निगरानी और जांच: ईरान का दावा है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए जहाजों की जांच करना चाहता है कि संघर्षविराम का उपयोग हथियारों की तस्करी के लिए न हो।
    • क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान: तेहरान ने कथित तौर पर बिटक्वाइन या अन्य डिजिटल मुद्राओं में भुगतान की मांग की है ताकि इन लेन-देन को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचाया जा सके।
    • लागत का बोझ: दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के कई जहाज पहले से ही वहां फंसे हुए हैं, जिन पर भारी जुर्माना या शुल्क लगाए जाने की खबरें हैं।

    वैश्विक तेल बाजार पर संकट

    हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहाँ से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है।

    1. तेल की कीमतें: ट्रंप ने भरोसा जताया है कि “ईरान की मदद के बिना भी तेल की सप्लाई जल्द ही सामान्य हो जाएगी,” लेकिन जानकारों का मानना है कि इस विवाद से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है।
    2. ग्रिडलॉक की स्थिति: सैकड़ों जहाज वर्तमान में जलडमरूमध्य में प्रवेश या निकास के लिए इंतजार कर रहे हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है।

    संघर्षविराम पर खतरे के बादल

    यह विवाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में होने वाली अगली दौर की बातचीत से ठीक पहले उपजा है। ट्रंप की इस चेतावनी और ईरान के अड़ियल रुख ने संघर्षविराम के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता ने भी कहा है कि हॉर्मुज का प्रबंधन अब एक “नए चरण” में प्रवेश करेगा, जिससे आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

    पाकिस्तान के प्रयासों पर भी सवालिया निशान

    ट्रंप ने इसे विश्वासघात बताते हुए पाकिस्तान के प्रयासों पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। ट्रंप के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बातचीत के बाद तय हुआ था कि ईरान हॉर्मुज को ‘पूर्ण, तत्काल और सुरक्षित’ रूप से खोलेगा। ईरान का टैक्स वसूलना इस ‘मुफ्त और सुरक्षित’ मार्ग की शर्त के खिलाफ है। अब वे इस बात से नाराज हैं कि पाकिस्तान द्वारा की गई मध्यस्थता के बावजूद ईरान अपनी मनमानी कर रहा है।

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