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    राष्ट्रपति का नहीं, ये संविधान का अपमान है, प्रोटोकॉल उल्लंघन को PM मोदी ने बताया शर्मनाक

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आजदिल्ली में एक बड़े बुनियादी ढांचा विकास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने दिल्ली के विकास को नई गति देते हुए 33,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने दो नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इनमें पिंक लाइन (मजलिस पार्क-मौजपुर) और मैजेंटा लाइन (दीपाली चौक-मजलिस पार्क) खंड शामिल हैं।


    राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन पर पीएम मोदी का कड़ा रुख

    इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल दौरे के समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान का मुद्दा उठाते हुए ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं है, बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद और संविधान का अपमान है। प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार के व्यवहार को “शर्मनाक और अभूतपूर्व” करार देते हुए कहा कि राष्ट्रपति पद राजनीति से ऊपर होता है और उसकी गरिमा के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

    मोदी ने कहा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल के एक बड़े उत्सव में शामिल होने के लिए बंगाल गई थीं लेकिन सम्मान देने के बजाय, TMC ने इस पवित्र और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का बहिष्कार किया। वे खुद आदिवासी समाज से आती हैं और वे आदिवासी समाज के विकास के बारे में चिंतित रही हैं। TMC सरकार ने कार्यक्रम को बदइंतजामी के हवाले कर दिया। यह न केवल राष्ट्रपति का अपमान है बल्कि भारत के संविधान का भी अपमान है। यह संविधान की भावना का अपमान है। यह लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है।

    • आदिवासी सम्मान: उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समुदाय से आती हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार पूरे देश, विशेषकर आदिवासी समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। केंद्र सरकार ने इस मामले में पहले ही पश्चिम बंगाल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है और गृह मंत्रालय ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर गहरा आघात बताया है।
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