उत्तर पश्चिम भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव आने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से 31 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का दौर चलेगा।
उत्तर पश्चिम भारत में मौसम का हाल
अगले तीन से चार दिनों के दौरान हिमालयी क्षेत्रों और मैदानी राज्यों में मौसम काफी अस्थिर रहने वाला है:
- पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
- मैदानी इलाकों में बारिश: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना जताई गई है।
- तेज हवाएं: इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है, जिससे मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर के लिए अलर्ट
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (Noida, Gurugram, Ghaziabad) में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
- बादल और बारिश: दिल्ली में 31 जनवरी की रात से बादल छाने और हल्की बारिश शुरू होने के आसार हैं। 1 और 2 फरवरी को गरज-चमक के साथ बारिश के एक-दो दौर हो सकते हैं।
- कोहरा और विजिबिलिटी: सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाए रहने का अनुमान है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।
- तापमान: दिल्ली में अधिकतम तापमान 18°C से 21°C और न्यूनतम तापमान 7°C से 11°C के बीच रहने की संभावना है।
आगामी पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ के बाद 2 फरवरी की रात से एक और नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है। इसके अलावा, 5 से 7 फरवरी के दौरान भी एक अन्य विक्षोभ के उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है, जिसका अर्थ है कि फरवरी के पहले सप्ताह में सर्दी का सितम जारी रहेगा।
खराब मौसम और घने कोहरे को देखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनाएं।


