एक ओर जहाँ दुनिया का ध्यान मध्य पूर्व (ईरान-अमेरिका तनाव) पर है, वहीं दूसरी ओर पूर्वी एशिया में भी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उत्तर कोरिया ने एक बार फिर मिसाइल परीक्षण कर वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं। दक्षिण कोरियाई सेना (JCS) के अनुसार, उत्तर कोरिया ने शनिवार दोपहर (स्थानीय समयानुसार करीब 1:20 बजे) अपनी राजधानी प्योंगयांग के पास सुनान क्षेत्र से लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें पूर्वी सागर (जापान सागर) की ओर दागीं।
जापान में अलर्ट
जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस घटना के बाद ‘इमरजेंसी अलर्ट’ जारी किया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, ये मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी हैं। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘फ्रीडम शील्ड’ (Freedom Shield) कर रहे हैं। उत्तर कोरिया इन अभ्यासों को ‘युद्ध का पूर्वाभ्यास’ मानता है और अक्सर मिसाइल दागकर अपनी नाराजगी जताता है।
ICBM की आशंका
- कुछ रिपोर्टों में इसे इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का संदिग्ध परीक्षण भी बताया जा रहा है, जिसकी पुष्टि के लिए सुरक्षा एजेंसियां डेटा का विश्लेषण कर रही हैं।
क्या यह बड़े टकराव का संकेत है?
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया का यह कदम दोहरी रणनीति का हिस्सा है: अमेरिका-दक्षिण कोरिया अभ्यास के जवाब में अपनी मारक क्षमता दिखाना। जब अमेरिका मध्य पूर्व में ईरान के साथ उलझा हुआ है, तब किम जोंग-उन पूर्वी एशिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर अमेरिका पर कूटनीतिक दबाव बनाना चाहते हैं।
इससे पहले 10 मार्च को भी उत्तर कोरिया ने अपने नए ‘चोए ह्योन’ डिस्ट्रॉयर से क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया था, जिसे खुद किम जोंग-उन ने अपनी बेटी के साथ देखा था।


