पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने भारतीय वित्तीय बाजारों में हाहाकार मचा दिया है। 2 मार्च 2026 को शेयर बाजार जहां औंधे मुंह गिरा, वहीं सोने-चांदी की कीमतों ने आसमान छू लिया।
शेयर बाजार में भारी गिरावट:
सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों में दहशत फैल गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 2700 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,800 के स्तर से नीचे आ गया। महज कुछ ही घंटों में निवेशकों की ₹8 लाख करोड़ की संपत्ति डूब गई। सबसे ज्यादा मार एविएशन (इंडिगो, स्पाइसजेट), पेंट्स और टायर कंपनियों पर पड़ी क्योंकि इनका सीधा संबंध कच्चे तेल से है।
बाजार गिरने के 5 बड़े कारण
- कच्चे तेल (Crude Oil) में उछाल: युद्ध के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 8% से ज्यादा उछलकर $82 प्रति बैरल के पार पहुँच गईं। भारत अपनी जरूरत का 85% तेल आयात करता है, जिससे महंगाई बढ़ने का डर है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का खतरा: ईरान द्वारा इस समुद्री मार्ग को बंद करने की धमकी ने दुनिया की 20% तेल आपूर्ति पर संकट खड़ा कर दिया है।
- रुपये में ऐतिहासिक कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 91.26 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया है।
- विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली: अनिश्चितता के माहौल में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालना तेज कर दिया है।
- ईरानी नेतृत्व का संकट: सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई की मौत की खबरों ने भू-राजनीतिक अस्थिरता को चरम पर पहुँचा दिया है।
सोना-चांदी: सुरक्षित निवेश की ओर दौड़े निवेशक
जब शेयर बाजार गिरता है, तो निवेशक ‘सुरक्षित ठिकाने’ के रूप में सोने-चांदी का रुख करते हैं। आज सर्राफा बाजार में कीमतों ने नए रिकॉर्ड बना दिए:
- सोना (Gold): प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत में भारी उछाल आया और यह ₹1.68 लाख के करीब पहुँच गया।
- चांदी (Silver): चांदी की कीमतों में एक ही दिन में ₹10,400 से अधिक की तेजी देखी गई, जिससे यह ₹2.93 लाख प्रति किलोग्राम के पास पहुँच गई।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे घबराहट में बिकवाली न करें और उच्च गुणवत्ता वाले ‘डिफेंस’ और ‘आईटी’ शेयरों पर नजर रखें।


