आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रहा अंतर्कलह अब पूरी तरह सार्वजनिक हो चुका है। राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखा पलटवार किया है। रविवार, 5 अप्रैल 2026 को जारी एक नए वीडियो संदेश में उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह झुकने वाले नहीं हैं।
‘पिक्चर अभी बाकी है’: राघव का पलटवार
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर करीब 3 मिनट का एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने उन आरोपों का जवाब दिया है कि वे संसद में पंजाब के मुद्दों को उठाने में विफल रहे हैं।
- पार्टी साथियों को जवाब: राघव ने लिखा, “AAP के मेरे उन साथियों के लिए, जिन्हें यह वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया कि राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में नाकाम रहे, उनके लिए पेश है एक छोटा सा ट्रेलर… पिक्चर अभी बाकी है।”
- पंजाब से भावनात्मक जुड़ाव: उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पंजाब उनके लिए केवल राजनीति या चर्चा का विषय (Talking point) नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, “पंजाब मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है और मेरी रूह है।“
वीडियो में क्या है?
साझा किए गए वीडियो में राघव चड्ढा ने संसद में अपने द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों का एक संकलन (Compilation) पेश किया है:
- किसानों के मुद्दे: एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी और पराली प्रबंधन के लिए आर्थिक सहायता।
- धार्मिक और क्षेत्रीय मुद्दे: श्री ननकाना साहिब के लिए कॉरिडोर, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और ‘कैंसर ट्रेन’ का मुद्दा।
- शहीद भगत सिंह: शहीद-ए-आजम भगत सिंह के लिए भारत रत्न की मांग और पंजाब के गिरते भूजल स्तर पर चिंता।
AAP के भीतर गहराता संकट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राघव चड्ढा द्वारा “मजबूर किया गया” शब्द का इस्तेमाल यह संकेत देता है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व या किसी विशेष गुट और उनके बीच गहरी खाई पैदा हो गई है।
| नेता/पक्ष | मुख्य आरोप/बयान |
| AAP (पंजाब इकाई) | राघव ने पंजाब के 8,500 करोड़ रुपये के RDF और बाढ़ राहत जैसे मुद्दों पर चुप्पी साधी। |
| संजय सिंह / आतिशी | राघव सरकार (CEC) के खिलाफ प्रस्तावों पर हस्ताक्षर नहीं करते और संसद से वॉकआउट नहीं करते। |
| सौरभ भारद्वाज | राघव ने अपने सोशल मीडिया से पीएम मोदी और भाजपा के खिलाफ पुरानी पोस्ट डिलीट कर दी हैं। |
| राघव चड्ढा | “घायल हूं, इसलिए घातक हूं।” (Ghayal hoon, isliye ghatak hoon)। |
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दल (भाजपा और कांग्रेस) इसे आम आदमी पार्टी के भीतर लोकतंत्र के खात्मे और वैचारिक बिखराव के रूप में देख रहे हैं। राघव की इस “पिक्चर” के अगले हिस्से में क्या खुलासे होंगे, इस पर पूरे राजनीतिक जगत की नजरें टिकी हैं।


