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    ईरान पहुंची Gen-Z आंदोलन की आग, खामेनेई विरोधी प्रदर्शन तेज; 7 की मौत, यह है वजह

    ईरान में इस समय जन आक्रोश चरम पर है। ईरान में इस समय ‘Gen-Z’ (नई पीढ़ी) के नेतृत्व में एक विशाल जन-आंदोलन खड़ा हो गया है। जो विरोध प्रदर्शन आर्थिक तंगी और महंगाई के खिलाफ शुरू हुए थे, वे अब सीधे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और इस्लामी शासन को उखाड़ फेंकने की मांग में बदल गए हैं। जनवरी 2026 की शुरुआत के साथ ही इन प्रदर्शनों ने हिंसक मोड़ ले लिया है, जिसमें अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन के खिलाफ प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है। यह विरोध प्रदर्शन 2022 के ‘महसा अमिनी’ आंदोलन के बाद ईरान के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।

    प्रदर्शनों की मुख्य वजहें

    ईरान में भड़की इस आग के पीछे कई गहरे कारण हैं, जो मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था और शासन से जुड़े हैं:

    1. भीषण आर्थिक संकट और महंगाई: दिसंबर 2025 तक ईरान में महंगाई दर 42.2% के पार पहुंच गई है। बुनियादी खाद्य पदार्थों और जरूरी सामानों की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं।
    2. करेंसी (रियाल) में गिरावट: ईरानी रियाल का मूल्य डॉलर के मुकाबले अपने ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है। फिलहाल एक डॉलर खरीदने के लिए लगभग 14.5 लाख रियाल खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे आयात महंगा हो गया है।
    3. विदेश नीति पर नाराजगी: प्रदर्शनकारी ‘ना गाजा, ना लेबनान, मेरी जान सिर्फ ईरान के लिए’ जैसे नारे लगा रहे हैं। जनता का मानना है कि सरकार देश के संसाधनों को क्षेत्रीय संघर्षों (हमास और हिजबुल्ला की मदद) में बर्बाद कर रही है, जबकि अपने नागरिक भूखे मर रहे हैं।
    4. बदलती राजनीतिक मांगें: जो विरोध प्रदर्शन शुरू में केवल महंगाई के खिलाफ थे, वे अब ‘सत्ता परिवर्तन’ की मांग में बदल गए हैं। तेहरान और अन्य शहरों में ‘तानाशाह को मौत’ और ‘मुल्ला देश छोड़ो’ के नारे लग रहे हैं।

    हिंसा का विस्तार और हताहत

    • लोरेस्तान प्रांत के अजना और कुहदाश्त शहरों के साथ-साथ इस्फहान में भी मौतें हुई हैं। मृतकों में एक बासिज (Basij) अर्धसैनिक बल का जवान भी शामिल है।
    • विरोध की चिंगारी अब तेहरान जैसे बड़े शहरों से निकलकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक फैल गई है। सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई जगहों पर इंटरनेट पाबंदियां और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की है।
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