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    भीषण गर्मी और ‘लू’ की चपेट में देश, मैदानी इलाकों में लगातार चढ़ रहा पारा

    उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से इस समय भीषण गर्मी और ‘लू’ (Heatwave) की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों तक इस भीषण तपिश से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। देश के कई शहरों में अधिकतम तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। महाराष्ट्र का अकोला 46.9 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी पारा लगातार चढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के बांदा में रविवार को 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राजस्थान से आने वाली गर्म पछुआ हवाओं ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के तापमान में भारी उछाल ला दिया है।

    मध्य प्रदेश में भी गर्मी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। खजुराहो, नौगांव और दमोह जैसे शहरों में तापमान 43-44 डिग्री के पार पहुँच गया है। जबलपुर में पारा सामान्य से 2-3 डिग्री ऊपर चल रहा है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। छिंदवाड़ा में मौसम विभाग ने ‘लू’ का यलो अलर्ट जारी किया है। यहाँ शुष्क मौसम और तेज धूप के कारण रातें भी गर्म (Warm Night Conditions) होने लगी हैं।

    अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान

    IMD के अनुसार, 28 अप्रैल तक गर्मी का यह प्रकोप जारी रहेगा। हालाँकि, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी या छिटपुट बारिश की संभावना है, लेकिन यह तापमान को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।

    प्रशासन की तैयारी और बचाव के उपाय

    भीषण गर्मी को देखते हुए कई जिलों (जैसे नर्मदापुरम और सागर) में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है या छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को निम्नलिखित सलाह दी है:

    • हाइड्रेशन: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं।
    • खेती के लिए सलाह: किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय ही करें ताकि नमी बनी रहे।
    • बिजली की मांग: बढ़ती गर्मी के कारण देश भर में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर (लगभग 252 गीगावाट) पर पहुँच गई है, जिससे ग्रिड पर भी दबाव बढ़ रहा है।

    उत्तर और मध्य भारत के लिए अप्रैल का यह अंतिम सप्ताह ‘अग्निपरीक्षा’ जैसा साबित हो रहा है। राहत के लिए लोगों को मई के पहले हफ्ते का इंतजार करना होगा, जब मौसम में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

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