सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बाबासाहब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए संविधान को “संजीवनी” और “लोहे की तलवार” बताया। उन्होंने कहा कि यह संविधान केवल कागज नहीं, बल्कि सम्मान की रक्षा का शस्त्र है। अखिलेश ने सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखने और न्याय आधारित राज की स्थापना के लिए निरंतर संघर्ष का संकल्प दोहराया।
संविधान कागज नहीं, लोहे की तलवार है, अखिलेश यादव ने संघर्ष का संकल्प दोहराया
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