तमिलनाडु के नवनियुक्त मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने पद संभालते ही अपनी ‘जनकल्याणकारी राजनीति’ का एजेंडा साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, उन्होंने राज्य की जनता के लिए कई बड़ी घोषणाओं वाली फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इन घोषणाओं को विजय के ‘थलपति विजन’ का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को राहत पहुँचाना है।
200 यूनिट मुफ्त बिजली का उपहार
विजय सरकार का सबसे बड़ा और प्रभावी फैसला बिजली बिलों को लेकर है। मुख्यमंत्री ने राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह योजना दिल्ली और पंजाब के मॉडल से प्रेरित नजर आती है, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के करोड़ों परिवारों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।
महिला सुरक्षा के लिए ‘विशेष सुरक्षा बल’
महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने एक नए ‘विशेष महिला सुरक्षा बल’ (Special Women Safety Force) के गठन की घोषणा की है। राज्य के संवेदनशील इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए इसे आधुनिक तकनीक और वाहनों से लैस किया जाएगा। हर जिले में एक समर्पित हेल्पलाइन और रिस्पॉन्स टीम इस बल के अधीन काम करेगी।
‘विजय शिक्षा छात्रवृत्ति’ योजना
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से उन्होंने सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हेतु विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का निर्देश दिया है। इसका लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को कॉलेज की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
पिता का समर्थन और राजनीतिक संदेश
शपथ ग्रहण समारोह के बाद विजय के पिता, एस.ए. चंद्रशेखर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि विजय हमेशा से ही लोगों की सेवा करना चाहते थे और ये फैसले केवल शुरुआत हैं। विजय ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार “शब्दों से ज्यादा काम” में विश्वास रखेगी।
विपक्ष और आगामी चुनौतियां
हालांकि इन घोषणाओं का जनता ने स्वागत किया है, लेकिन विपक्षी दलों ने राज्य के खजाने पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। 13 मई को होने वाले बहुमत परीक्षण से पहले विजय ने इन ‘पॉपुलिस्ट’ (लोकप्रिय) घोषणाओं के जरिए अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत कर लिया है।
तमिलनाडु की राजनीति में सिनेमा और सत्ता का पुराना नाता रहा है, लेकिन विजय की शुरुआत ने यह संकेत दिया है कि वे केवल अपनी स्टार पावर के भरोसे नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत बदलावों के साथ शासन करना चाहते हैं।


