77वें गणतंत्र दिवस (2026) समारोह से पहले देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। खुफिया एजेंसियों (IB) ने एक गंभीर आतंकी हमले का अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि विदेशी नेटवर्क से जुड़े स्थानीय गैंगस्टर दिल्ली को दहलाने की साजिश रच रहे हैं।
मुख्य आतंकी खतरे और साजिश
खुफिया इनपुट्स के अनुसार, इस बार आतंकी हमला करने का तरीका बदला हुआ हो सकता है:
- गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़: पंजाब और हरियाणा के स्थानीय गैंगस्टर अब विदेश में बैठे खालिस्तानी और कट्टरपंथी आकाओं के लिए ‘पैदल सैनिक’ (Foot Soldiers) के रूप में काम कर रहे हैं।
- लक्षित समूह: प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठनों के साथ-साथ बांग्लादेश स्थित कट्टरपंथी समूहों द्वारा दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों को निशाना बनाने की आशंका है।
- हथियारों की आपूर्ति: हाल ही में हुए खुलासों से पता चला है कि ये गैंगस्टर हथियारों की तस्करी और लॉजिस्टिक्स सप्लाई में आतंकवादियों की मदद कर रहे हैं।
सुरक्षा बलों की तैयारी: ‘ऑपरेशन गैंग-बस्ट 2026’
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इस खतरे से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया है:
- बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां: पुलिस ने ‘ऑपरेशन गैंग-बस्ट’ के तहत दिल्ली, हरियाणा और यूपी समेत कई राज्यों में छापेमारी कर 850 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
- मॉक ड्रिल: लाल किला, चांदनी चौक, ISBT कश्मीरी गेट और प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा बलों द्वारा ‘मॉक ड्रिल’ की जा रही है ताकि आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
- निषेधाज्ञा: दिल्ली में ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट-एयर बैलून जैसी उड़ने वाली वस्तुओं पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- तकनीकी निगरानी: सार्वजनिक स्थानों पर CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
नागरिक सुरक्षा निर्देश
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु, संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और होटलों व धर्मशालाओं में रुकने वाले लोगों की गहन जांच की जा रही है।


