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    टीम इंडिया के थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट नुवान सेनेविरत्ने थे बस ड्राइवर, विराट कोहली ने ऐसे बदली किस्मत

    भारतीय क्रिकेट टीम की हालिया टी20 वर्ल्ड कप जीत के पीछे कई बड़े नाम हैं, लेकिन एक नाम ऐसा भी है जो अक्सर चर्चाओं से दूर रहता है, पर जिसकी भूमिका किसी ‘सीक्रेट वेपन’ से कम नहीं है। यह कहानी है टीम इंडिया के थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट नुवान सेनेविरत्ने (Nuwan Seneviratne) की, जिनका सफर एक स्कूल बस ड्राइवर से शुरू होकर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों को तैयार करने तक पहुंचा है।

    एक कठिन शुरुआत: बस ड्राइवर से मैदान तक

    श्रीलंका में पले-बढ़े नुवान सेनेविरत्ने का जीवन कभी भी आसान नहीं था। क्रिकेट का शौक तो था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपने परिवार का पेट पालने के लिए स्कूल बस ड्राइवर के रूप में काम करना पड़ा। सुबह-सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ना और दिन भर सड़कों पर बस चलाना, फिर भी उनके मन में क्रिकेट के प्रति दीवानगी कम नहीं हुई। उन्होंने स्थानीय स्तर पर थ्रोडाउन (गेंद को अभ्यास के दौरान बल्लेबाज की तरफ तेज रफ्तार से फेंकना) का कौशल विकसित किया।

    कोहली ने प्रतिभा को पहचाना

    नुवान के जीवन में बड़ा मोड़ तब आया जब भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर थी। अभ्यास सत्र के दौरान नुवान के थ्रोडाउन की सटीकता और रफ्तार देखकर विराट कोहली बेहद प्रभावित हुए। विराट को महसूस हुआ कि इस व्यक्ति में विश्व स्तरीय बल्लेबाजों को चुनौती देने की अद्भुत क्षमता है। कोहली ने न केवल उनकी प्रतिभा को पहचाना, बल्कि उन्हें भारतीय टीम के साथ जुड़ने का सुझाव भी दिया। इसके बाद नुवान ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

    टीम इंडिया का ‘सीक्रेट वेपन’

    आज नुवान सेनेविरत्ने भारतीय टीम के सबसे अहम सपोर्ट स्टाफ सदस्यों में से एक हैं। वे भारतीय बल्लेबाजों को अभ्यास के दौरान ऐसे सटीक और तेज बाउंसर और यॉर्कर फेंकते हैं, जो मैदान पर असली गेंदबाजों का सामना करने के लिए उनकी एकाग्रता और रिफ्लेक्स को तेज करते हैं।

    विराट कोहली ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था, “नुवान ने मेरे खेल को बेहतर बनाने में बहुत मदद की है। उनकी थ्रोडाउन की गति और सटीक लाइन-लेंथ ने मुझे नेट्स में किसी भी विश्व स्तरीय पेसर का सामना करने के लिए तैयार रखा।”

    वर्ल्ड कप जीत के पर्दे के पीछे के हीरो

    वर्ल्ड कप के दौरान, जब भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ असाधारण कौशल दिखाया, तो उसके पीछे नुवान के अनगिनत घंटों का अभ्यास था। उन्होंने नेट्स में टीम के हर बल्लेबाज के साथ पसीना बहाया। उनका बस ड्राइवर से वर्ल्ड चैंपियन टीम का सदस्य बनने का सफर प्रेरणादायी है।

    नुवान सेनेविरत्ने की यह कहानी साबित करती है कि यदि आपमें मेहनत और जुनून हो, तो आपकी प्रतिभा को चमकने के लिए बस एक सही अवसर और एक मददगार हाथ—जैसे कि विराट कोहली का समर्थन—मिलना चाहिए। आज वे न केवल भारतीय टीम का अटूट हिस्सा हैं, बल्कि दुनिया भर के उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को सच करना चाहते हैं।

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