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    तारिक रहमान: 4 साल में जेल और युद्धबंदी, 17 साल काटा वनवास, अब बनेंगे बांग्लादेश के अगले PM

    बांग्लादेश में BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) की प्रचंड जीत के बाद, 17 साल का वनवास काटकर लौटे तारिक रहमान अब देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उनकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है—एक ऐसा नेता जिसने 4 साल की उम्र में पहली बार जेल की सलाखें देखीं और अब 60 साल की उम्र में देश की सर्वोच्च कुर्सी संभालने जा रहा है। यहाँ ‘डार्क प्रिंस’ कहे जाने वाले तारिक रहमान के सफर और उनके परिवार की पूरी कहानी दी गई है।


    4 साल की उम्र में जेल और ‘युद्धबंदी’ का तमगा

    तारिक रहमान का जन्म 1965 में हुआ था। 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान, जब वे मात्र 4 साल के थे, उन्हें उनकी माँ खालिदा जिया के साथ पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में ले लिया था। BNP उन्हें ‘बांग्लादेश के सबसे कम उम्र के युद्धबंदी’ के रूप में पेश करती है। बचपन का वह अनुभव उनके राजनीतिक चरित्र की नींव बना।


    ‘डार्क प्रिंस’ से ‘पीएम’ तक का सफर

    • राजनीतिक विरासत: तारिक रहमान एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसके एक तरफ राष्ट्रपति और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री रहे हैं। उनके पिता जियाउर रहमान बांग्लादेश के राष्ट्रपति थे (जिनकी 1981 में हत्या कर दी गई) और उनकी माँ खालिदा जिया तीन बार देश की प्रधानमंत्री रहीं।
    • डार्क प्रिंस की छवि: 2001-2006 के दौरान जब उनकी माँ पीएम थीं, तब तारिक को ‘पावर सेंटर’ माना जाता था। विरोधियों ने उन्हें ‘डार्क प्रिंस’ का नाम दिया और उन पर भ्रष्टाचार व समानांतर सरकार चलाने के आरोप लगाए।
    • टॉर्चर और निर्वासन: 2007 में सैन्य समर्थित सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया। जेल में उन्हें कथित तौर पर इतनी प्रताड़ना दी गई कि 2008 में जब वे इलाज के लिए लंदन गए, तो उन्हें व्हीलचेयर पर प्लेन तक ले जाना पड़ा। इसके बाद वे 17 साल तक लंदन में रहे।
    • वापसी और जीत: शेख हसीना के पतन के बाद, दिसंबर 2025 में वे वतन लौटे। अपनी माँ के निधन के कुछ ही हफ्तों बाद उन्होंने चुनाव लड़ा और अब प्रधानमंत्री बनने की दहलीज पर हैं।

    परिवार की कहानी: सत्ता और सादगी का मेल

    तारिक रहमान का परिवार बांग्लादेश की राजनीति का सबसे शक्तिशाली घराना रहा है:

    1. पिता (जियाउर रहमान): बांग्लादेश की आजादी के नायक और राष्ट्रपति।
    2. माँ (खालिदा जिया): देश की पहली महिला प्रधानमंत्री, जिनका हाल ही में निधन हुआ।
    3. पत्नी (डॉ. जुबैदा रहमान): पेशे से चिकित्सक हैं। निर्वासन के दौरान वे साये की तरह तारिक के साथ रहीं।
    4. बेटी (जैमा रहमान): पेशे से वकील हैं। माना जा रहा है कि वे परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में राजनीति में कदम रख सकती हैं।

    भविष्य की चुनौतियां

    60 वर्षीय तारिक रहमान ने वादा किया है कि वे ‘प्रतिशोध की राजनीति’ को खत्म करेंगे और देश में ‘क्लीन पॉलिटिक्स’ लाएंगे। हालांकि, उन पर लगे पुराने भ्रष्टाचार के आरोप (जैसे ‘खंबा घोटाला’) और कट्टरपंथी समूहों के साथ संबंधों को लेकर उठने वाले सवाल उनकी सबसे बड़ी चुनौतियां होंगे।

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